फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ED: पंजाब में आवासीय परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन पर बताए अमरूद के बाग, मिलीभगत से लिया मुआवजा

Fri, 12 Sep 2025 09:17 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
ईडी - फोटो : ANI
विज्ञापन

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय ने अमरूद बाग घोटाले से संबंधित धन शोधन जांच में भूपिंदर सिंह, विकास भंडारी और 14 अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय (पीएमएलए), मोहाली के समक्ष 11.09.2025 को अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है। ईडी ने सतर्कता ब्यूरो, पंजाब द्वारा भूपिंदर सिंह, विकास भंडारी और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर उक्त केस की जांच शुरू की थी।

विज्ञापन


ईडी की जांच से पता चला है कि सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके निजी व्यक्तियों ने उस जमीन पर अमरूद के बागों के बदले गलत मुआवजा हासिल किया, जिसे ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा), पंजाब द्वारा एसएएस नगर, मोहाली में आईटी सिटी के पास एरोट्रोपोलिस आवासीय परियोजना की स्थापना के लिए अधिग्रहित किया जाना था। 

आरोपियों ने अमरूद के बागों के लिए गलत मुआवजा पाने के लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 11 लागू होने के बाद जमीन खरीदी या जमीन को पट्टे पर ले लिया। उक्त उद्देश्य के लिए, उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड में जालसाजी करने के लिए राजस्व अधिकारी के साथ, अमरूद के बागों के बारे में अनुकूल मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए बागवानी विकास अधिकारियों (एचडीओ) के साथ और गलत मुआवजा पाने के लिए गमाडा में काम करने वाले अधिकारियों के साथ मिलीभगत की। ऐसी आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से आरोपी व्यक्तियों ने करोड़ों रुपये में पीओसी उत्पन्न और हासिल किया।
विज्ञापन


ईडी ने इससे पहले 27.03.2024 को विभिन्न परिसरों में तलाशी ली थी, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद हुए थे। इससे पहले, ईडी ने लगभग 9.87 करोड़ रुपये मूल्य की अचल/चल संपत्तियाँ भी ज़ब्त की थीं। केस में आगे की जाँच जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें