अदालत ने गुजरात के स्टर्लिंग बायोटेक घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को आगे की कार्रवाई करने की इजाजत दे दी है। ईडी अब 8100 करोड़ रुपये के इस घोटाले के आरोपियों के खिलाफ अमेरिका, चीन, यूएई समेत 21 देशों को एलआर (लैटर्स रोगेटरी) भेजकर सहयोग मांगेगा।
अल्बानिया को भी एलआर भेजा जाएगा, जिसने स्टर्लिंग बायोटेक के दो आरोपी निदेशकों नितिन संदेसरा और चेतनकुमार संदेसरा को अपने यहां की नागरिकता दी है। इन दोनों के प्रत्यर्पण के लिए आवेदन भेजने की इजाजत अदालत हाल ही में ईडी को दे चुकी है।
पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार अरोड़ा की अदालत ने स्टर्लिंग बायोटेक घोटाला मामले में एलआर भेजने के लिए दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह मंजूरी दी। एलआर को लैटर ऑफ रिक्वेस्ट भी कहा जाता है। अल्बानिया में बुधवार को इस घोटाले के एक अहम आरोपी हितेन पटेल की गिरफ्तारी के बाद अदालत से एलआर भेजने की मंजूरी मिलने पर अब जांच में तेजी आने की उम्मीद है। ईडी के वकील एआस्टर्लिंग बायोटेक घोटाले में ईडी को 21 देशों से सहयोग मांगने की इजाजत मिली
क्या है मामला
आरोप है कि स्टर्लिंग बायोटेक कंपनी ने आंध्र बैंक के नेतृत्व वाले बैंक समूह से 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जो बाद में एनपीए में तब्दील हो गया। कंपनी पर कुल मिलाकर 8,100 करोड़ रुपये का कर्ज डकारने का आरोप है। ईडी ने इस मामले में सीबीआई की चार्जशीट का संज्ञान लेकर मनी लांड्रिंग का मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें आरोपियों की तरफ से आयकर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों को रिश्वत देने की भी जांच की जा रही है।
ईडी इस मामले में अब तक 5 चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही आरोपियों से जुड़ी ?710 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। आदित्य ने अदालत में याचिका दाखिल कर अल्बानिया के अतिरिक्त 20 अन्य देशों को भी एलआर भेजने की मांग की थी, जिनमें अमेरिका, चीन, पनामा, ऑस्ट्रिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, हांगकांग, इंडोनेशिया, बारबेडोस, बरमूडा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स, साइप्रस, कोमोरोस, जर्जी, लिचटेंस्टिन, मॉरीशस, नाइजीरिया और सेशल्स शामिल थे।