यहां एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, मेरे लौटने के एक दिन बाद ईडी के अधिकारियों को छापेमारी के लिए भेजा गया। छापेमारी के दौरान उन्होंने एक कंप्यटर पर 16 फाइलें डाउनलोड कीं। अब अगर सीबीआई अगले एक सप्ताह के बाद उसी जगह का दौरा करती है और उन फाइलों का पता लगाती है, तो बदनाम करने का अभियान शुरू हो जाएगा।
बनर्जी, स्कूल नौकरियों के घोटाले की जांच के सिलसिले में 21 अगस्त को कोलकाता और उसके आस-पास के इलाकों में कई स्थानों पर आठ घंटे से अधिक समय तक ईडी की छापेमारी का जिक्र कर रहे थे। जिन स्थानों पर तलाशी ली गई थी, उनमें शहर के दक्षिणी हिस्से में पॉश न्यू अलीपुर इलाके में एक निजी कंपनी का कार्यालय भी शामिल था।
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने कहा कि मीडिया ट्रायल में शामिल लोग या तो कानून की उचित प्रक्रिया में भरोसा नहीं करते हैं या उनमें इसके लिए धैर्य नहीं है। उन्होंने पूछा, क्या यह रैगिंग नहीं है? क्या यह मुझे बदनाम करने की कोशिश नहीं है?
उन्होंने कहा,'जब मैं इलाज के लिए विदेश जा रहा था तो एक अफवाह फैलाई गई, जिसमें दावा किया गया कि मैं वापस नहीं लौटूंगा। मेरा सरनेम बनर्जी है। हम जानते हैं कि सिर ऊंचा करके और दिल्ली के सामने आत्मसमर्पण किए बिना कैसे लड़ना है। मीडिया के एक वर्ग का इस्तेमाल करते हुए नियमित रूप से फर्जी खबरें और झूठ फैलाए जा रहे हैं।'
बनर्जी ने दोहराया कि अगर उनके गलत कामों का रत्ती भर भी सबूत है तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा और फांसी लगा लूंगी। इससे पहले अभिषेक बनर्जी से केंद्रीय एजेंसियों ने मवेशी तस्करी और कोयला चोरी घोटाला मामलों में पूछताछ की थी। उन्होंने इसे भाजपा की राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया था।