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ED: व्यक्तिगत लाभ के लिए खर्च किए सोसाइटी फंड के 2467 करोड़ रुपये, 12-14% रिटर्न का इंतजार करते रहे निवेशक

Tue, 21 Apr 2026 03:58 PM IST
Rahul Kumar डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 8(4) के प्रावधानों के तहत 9.29 करोड़ रुपये मूल्य की छह अचल संपत्तियों पर कब्जा कर लिया है। ये संपत्तियां खारघर, मुंबई और पुणे में स्थित हैं। इनका मालिकाना हक सुरेश कुटे, अर्चना कुटे और उनसे संबंधित संस्थाओं के नाम पर है। आरोपियों ने एक सोसायटी बनाकर निवेशकों से बड़े रिटर्न का वादा किया। बाद में व्यक्तिगत लाभ के लिए सोसाइटी फंड के 2467 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। दूसरी तरफ निवेशक, 12-14 प्रतिशत रिटर्न मिलने का इंतजार करते रहे। 

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यह कुर्की महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में भारतीय दंड संहिता की धारा 1860 के तहत दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू की गई है। ये केस मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबंधित है। ये एफआईआर सुरेश कुटे और अन्य द्वारा ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के माध्यम से निवेशकों के साथ की गई धोखाधड़ी से जुड़ा है। एफआईआर के अनुसार, सोसाइटी ने 12 से 14 प्रतिशत रिटर्न देने वाली कई उच्च योजनाएं शुरू की थीं। इनमें बड़ी संख्या में निवेशकों ने अपना पैसा लगाया। जमा राशि का भुगतान न होने या आंशिक भुगतान होने के कारण उन्हें भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

ईडी की जांच में पता चला है कि सोसाइटी के फंड का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 2,467 करोड़ रुपये, सुरेश कुटे और अर्चना कुटे के स्वामित्व/नियंत्रण वाले कंपनियों के समूह (कुटे ग्रुप) को कथित 'ऋण' के रूप में हस्तांतरित किया गया था। ये भुगतान उचित दस्तावेज़ीकरण, गिरवी या अंतिम उपयोग प्रमाणन के बिना किए गए थे। वैध व्यावसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग किए जाने के बजाय, फंड को व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया। उसे असंबंधित व्यावसायिक हितों में निवेश किया गया। ईडी ने इस मामले में कई तलाशी अभियान चलाए हैं। कई अंतरिम कुर्की आदेश भी जारी किए हैं। 
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इस मामले में अब तक जब्त/फ्रीज और कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 1,627.86 करोड़ रुपये है। इससे पहले, ईडी ने सुरेश कुटे को गिरफ्तार किया था। उसके बाद मुंबई स्थित विशेष न्यायालय (पीएमएलए) में अभियोग दायर किया गया। उस पर न्यायालय ने अपराध का संज्ञान लिया था। मार्च में ईडी ने अर्चना कुटे को भी गिरफ्तार किया था। फिलहाल वे ईडी की न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने संपत्तियों की सुरक्षा और उनके निपटान, हस्तांतरण या विक्रय को रोकने के लिए यह कार्रवाई की है। संपत्ति पर कब्ज़ा करने का वर्तमान कदम पीएमएलए के प्रावधानों के अनुरूप है। अपराध से प्राप्त संपत्तियों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से चल रही कार्यवाही का हिस्सा है। 

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