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नकली पेंटिंग घोटाला: मशहूर कलाकारों के नाम पर करोड़ों की ठगी, ईडी ने वकील समेत पांच के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

Wed, 24 Sep 2025 06:24 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

ईडी ने वकील समेत 5 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इन पर एम एफ हुसैन और एसएच रजा जैसे मशहूर कलाकारों की 11 नकली पेंटिंग्स इनवेस्टमेंट बैंकर को 17.9 करोड़ में बेचने का आरोप है। जांच में सामने आया कि जिन स्रोतों का हवाला दिया गया, वे फर्जी निकले।

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ईडी ने विशेष अदालत में दाखिल की चार्जशीट - फोटो : FreePik
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विस्तार
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मशहूर चित्रकारों की नकली पेंटिंग्स बेचने के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुंबई के एक विशेष अदालत में वकील और चार अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनपर आरोप है कि इन लोगों ने मशहूर चित्रकारों एम एफ हुसैन, एसएच रजा जैसे कलाकारों की 11 नकली पेंटिंग्स एक इनवेस्टमेंट बैंकर को 17.9 करोड़ रुपये में बेच दीं।

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मामले में ईडी ने बताया कि आरोपियों ने दावा किया था कि ये पेंटिंग्स मध्य प्रदेश के एक महाराजा और एक रिटायर्ड आईएएस अफसर से ली गई हैं। लेकिन जांच में सामने आया कि तथाकथित महाराजा राघवेंद्र परमार एक गरीब किसान है और आईएएस अधिकारी सुब्रतो बनर्जी ने साफ इनकार किया कि उन्होंने कोई पेंटिंग बेची है।

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मामले में कौन-कौन बने आरोपी?

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ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट में वकील विश्वांग देसाई, रेयर आर्ट गैलरी के मालिक राजेश राजपाल, नामो बुलियन के अभिषेक जैन और मनीष गोल्ड पैलेस के मनीष सकारिया को आरोपी बनाया गया है। मामला पहले मुंबई के तारदेव पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है।

अब समझिए पूरा मामला
बता दें कि इनवेस्टमेंट बैंकर पुनीत भाटिया ने फरवरी से मई 2022 के बीच 11 पेंटिंग्स खरीदीं, जिनकी कीमत कुल 17.90 करोड़ रुपये थी। उन्होंने ये भुगतान आर्ट इंडिया इंटरनेशनल को किया, जो राजपाल की कंपनी है। जांच में सामने आया कि देसाई ने खुद को 25 साल के अनुभव वाला आर्ट कलेक्टर बताया और भाटिया को निवेश के लिए तैयार किया। उन्होंने पेंटिंग्स की सच्चाई की गारंटी भी दी।

इसके बाद राजपाल ने राघवेंद्र परमार से अंग्रेजी न पढ़ पाने का फायदा उठाते हुए फर्जी दस्तावेजों पर साइन करवा लिए और उन्हें पैसे का झांसा दिया। ईडी ने जांच में 6.47 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है, जिसमें पेंटिंग्स, मूर्तियां और चांदी के सामान शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर इस घोटाले से खरीदा गया था।

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