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ईडी ने अदालत में कहा, जांच में सहयोग नहीं कर रहे वाड्रा, हिरासत में लेने की है जरूरत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अजय सिंह Updated Tue, 19 Mar 2019 02:34 PM IST
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रॉबर्ट वाड्रा - फोटो : PTI

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में रॉबर्ट वाड्रा की अग्रिम जमानत अर्जी पर अपना जवाब दाखिल किया है। ईडी का कहना है कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की इजाजत दी जाए क्योंकि वाड्रा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
 


ईडी ने कहा कि वाड्रा कई संपत्तियों के लाभार्थी हैं जिन्हें अपराध की आय के माध्यम से खरीदा गया है। इस मामले में अभी भी जांच जारी है जो महत्वपूर्ण चरण में है। आरोपी व्यक्ति द्वारा अपनाए गए तरीकों का पता लगाना जरूरी है। मामला काला धन शोधन के तहत है।



दिल्ली की अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा को धनशोधन मामले की जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। साथ ही अंतरिम जमानत की अवधि 25 मार्च तक बढ़ा दी गई है।

बता दें हाल ही में ईडी ने वाड्रा से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सात घंटे तक पूछताछ की है। ये मामला विदेश में अवैध संपत्ति की खरीद से जुड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने वाड्रा से दिनभर पूछताछ की। वह मध्य दिल्ली के जामनगर हाउस स्थित एजेंसी के कार्यालय में मामले के जांच अधिकारी के सामने उपस्थित हुए थे। 

इससे पहले भी उनके इस मामले में कई बार पूछताछ हो चुकी है। इसके साथ ही उनसे जयपुर में भी पूछताछ की गई थी। यहां मनी लॉन्ड्रिंग के एक अन्य मामले में ईडी जांच कर रही है। इससे पहले मनी लाउंड्रिंग मामले में दिल्ली में चल रही जांच के मामले में वाड्रा की अंतरिम जमानत 19 मार्च तक बढ़ा दी गई थी। हालांकि, वाड्रा ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया है।

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रॉबर्ट वाड्रा - फोटो : PTI
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में रॉबर्ट वाड्रा की अग्रिम जमानत अर्जी पर अपना जवाब दाखिल किया है। ईडी का कहना है कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की इजाजत दी जाए क्योंकि वाड्रा जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
 


ईडी ने कहा कि वाड्रा कई संपत्तियों के लाभार्थी हैं जिन्हें अपराध की आय के माध्यम से खरीदा गया है। इस मामले में अभी भी जांच जारी है जो महत्वपूर्ण चरण में है। आरोपी व्यक्ति द्वारा अपनाए गए तरीकों का पता लगाना जरूरी है। मामला काला धन शोधन के तहत है।

दिल्ली की अदालत ने रॉबर्ट वाड्रा को धनशोधन मामले की जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। साथ ही अंतरिम जमानत की अवधि 25 मार्च तक बढ़ा दी गई है।

बता दें हाल ही में ईडी ने वाड्रा से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सात घंटे तक पूछताछ की है। ये मामला विदेश में अवैध संपत्ति की खरीद से जुड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने वाड्रा से दिनभर पूछताछ की। वह मध्य दिल्ली के जामनगर हाउस स्थित एजेंसी के कार्यालय में मामले के जांच अधिकारी के सामने उपस्थित हुए थे। 

इससे पहले भी उनके इस मामले में कई बार पूछताछ हो चुकी है। इसके साथ ही उनसे जयपुर में भी पूछताछ की गई थी। यहां मनी लॉन्ड्रिंग के एक अन्य मामले में ईडी जांच कर रही है। इससे पहले मनी लाउंड्रिंग मामले में दिल्ली में चल रही जांच के मामले में वाड्रा की अंतरिम जमानत 19 मार्च तक बढ़ा दी गई थी। हालांकि, वाड्रा ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया है।

क्या है मामला?

रॉबर्ट वाड्रा - फोटो : Facebook
जांच एजेंसी का कहना है कि आयकर विभाग फरार हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ काला धन कानून और कर कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि उसके संबंध वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा के साथ हैं।

जब अरोड़ा से पूछताछ हुई तो जांच एजेंसी को कई ऐसी बातें पता चलीं जिसका अप्रत्यक्ष जुड़ाव वाड्रा के साथ पाया गया। यह आरोप है कि भंडारी ने 19 लाख पाउंड में जो प्रोपर्टी खरीदी थी, उस पर 65900 पाउंड खर्च करने के बाद उसे उतनी ही रकम में वाड्रा काे बेच दिया गया।

इससे साफ हो गया कि भंडारी इस संपत्ति का वास्तविक मालिक नहीं था। उसने वाड्रा को फायदा पहुंचाने के लिए यह सौदा किया था। 30 अप्रैल, 2016 के पूछताछ में भंडारी ने वाड्रा की 2012 में फ्रांस यात्रा को लेकर भी खुलासा किया था।

जब भंडारी से फ्रांस की टिकट के खरीदने को लेकर सवाल पूछा गया तो उसने कहा कि "जहां तक मुझे याद है कि इसे खरीदा गया था, लेकिन मुझे याद नहीं है कि भुगतान कैसे और किसने किया।"

जांच एजेंसी वाड्रा से लंदन स्थित 9 संपत्ति को लेकर पूछताछ कर चुकी है। जिन्हें गैरकानूनी तरीके से यूपीए सरकार के कार्यकाल में खरीदा गया था। इन संपत्ति की कीमत 12 मिलियन पाउंड यानि 110 करोड़ से भी अधिक है।
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