महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की। प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को भुजबल की नासिक स्थित शुगर मिल व 290 एकड़ जमीन की कुर्की की। इनकी कीमत 55 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। इन दोनों संपत्ति पर भुजबल की कंपनी आर्मस्ट्रॉन्ग इंफ्रास्ट्रक्चर का स्वामित्व है।
ईडी ने कंपनी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संपत्ति कुर्क करने की नोटिस जारी करने के बाद यह कार्रवाई की है। ईडी के सूत्रों ने बताया कि कंपनी की नासिक स्थित गिरना शुगर मिल पर निदेशालय ने निषेधाज्ञा का नोटिस भी चस्पा किया है। ईडी ने मिल की खरीद-फरोख्त में गड़बड़ी की आशंका के चलते यह कार्रवाई की। वहीं इस मामले में फंसे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल के भतीजे पूर्व सांसद समीर भुजबल को 31 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
समीर भुजबल को तीसरी बार न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समीर भुजबल को एक फरवरी को गिरफ्तार किया था। कुछ दिन तक ईडी की हिरासत में रहने के बाद उन्हें 22 फरवरी और फिर 21 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। ईडी ने सोमवार को उन्हें विशेष अदालत में पेश किया।
ईडी के अधिकारियों ने अदालत से दरख्वास्त की कि अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। जांच में कई नए तथ्य सामने आए हैं, लिहाजा उन्हें फिर से न्यायिक हिरासत में भेजा जाए। महाराष्ट्र सदन घोटाला और 11 अन्य मामलों सहित आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भुजबल परिवार पर ईडी ने शिकंजा कसा है। पहले समीर भुजबल की गिरफ्तारी हुई। उसके बाद उनके चाचा छगन भुजबल को हिरासत में लिया गया है। छगन भुजबल भी 31 मार्च तक न्यायिक हिरासत में हैं।