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ED: एसडीपीआई के खिलाफ जांच मामले में तमिलनाडु, राजस्थान, केरल में छापे; PMLA के तहत ईडी ने की कार्रवाई

Thu, 20 Mar 2025 08:34 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार ने सितंबर 2022 में पीएफआई को अवैध संगठन घोषित करते हुए उस पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। इसके बाद ईडी, एनआईए और राज्य पुलिस ने इसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी।
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ईडी (सांकेतिक तस्वीर)।
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विस्तार
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प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के राजनीतिक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच मामले में ईडी ने बृहस्पतिवार को तमिलनाडु, राजस्थान, केरल और प. बंगाल समेत कई राज्यों में फिर से छापे मारे। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत की गई।

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ईडी की टीमों ने तमिलनाडु के मेट्टुपलयम, कोयंबटूर, आरकोट और वेल्लोर, राजस्थान के भीलवाड़ा व कोटा, केरल के कोट्टयम व पालक्कड़ और कोलकाता में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई एसडीपीआई और पीएफआई के बीच संबंधों की जांच का हिस्सा है। इससे पहले मार्च के पहले सप्ताह में ईडी ने एसडीपीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष एमके फैजी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब तक कई राज्यों में 50 से अधिक स्थानों पर छापे मारे जा चुके हैं। ईडी ने संपत्तियों की बेनामी लेनदेन और हवाला नेटवर्क की भी जांच शुरू की है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी संगठनों के बीच वित्तीय लिंक को उजागर करने के लिए जुटे दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही है।
 
पीएफआई और एसडीपीआई की एक-दूसरे से सांठगांठ : ईडी
ईडी ने अदालत में दावा किया था कि पीएफआई और एसडीपीआई की एक-दूसरे से सांठगांठ है। एसडीपीआई, पीएफआई का राजनीतिक चेहरा है और उसके फंड व संसाधनों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है।
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गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2022 में पीएफआई को अवैध संगठन घोषित करते हुए उस पर प्रतिबंध लगा दिया था। उस पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे थे। इसके बाद ईडी, एनआईए और राज्य पुलिस ने इसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। एसडीपीआई की स्थापना 2009 में हुई थी। यह चुनावव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक पार्टी है। ईडी ने फैजी की रिमांड हिरासत के दौरान अदालत को बताया कि एसडीपीआई पूरी तरह से पीएफआई द्वारा नियंत्रित और वित्तपोषित है।

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