चालीस साल तक उत्तर महाराष्ट्र में भाजपा का स्तंभ रहे पूर्वमंत्री एकनाथ खडसे भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निशाने पर आ गए हैं। इससे चर्चा शुरू हो गई है कि क्या एकनाथ खडसे अब वह सीडी लगाएंगे जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में हंगामा मच जाएगा। भाजपा ने तो उन्हें चुनौती दी है कि खडसे वह सीडी लगाएं उन्हें किसने रोका है।
दरअसल, अक्तूबर महीने में बीजेपी छोड़ शरद पवार की पार्टी एनसीपी में शामिल होने पर एकनाथ खडसे ने धमकी दी थी कि अगर उनके खिलाफ ईडी लगाई गई तो वे सीडी लगाएंगे। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास भाजपा के एक नेता की सीडी है जिसके सार्वजनिक होने पर हंगामा मच जाएगा। लेकिन शनिवार को खडसे ने कहा कि पहले वे ईडी का सामना करेंगे उसके बाद सीडी के बारे में सोचेंगे। वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने शनिवार को कहा है कि जिन्हें सीडी लगाना है वो लगाएं। उन्हें किसने रोका है।
ईडी ने एकनाथ खडसे को पुणे स्थित भोसरी भूखंड खरीदी मामले में 30 दिसंबर को पेश होने के लिए कहा है। ईडी का नोटिस मिलने के बाद शिवसेना-कांग्रेस एनसीपी के संयुक्त गंठबंधन वाले महाविकास आघाड़ी के नेताओं ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। शिवसेना प्रवक्ता संजय राऊत ने कहा कि हमारे लोगों को भी ईडी का नोटिस मिला है।
भाजपा विरोधी नेता का राजनीतिक सामना नहीं कर सकती। इसलिए विरोधी दल के नेताओं के खिलाफ ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है। राउत ने पिछले दिनों शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक को मिले ईडी के नोटिस को लेकर अपनी भड़ास निकाली है।
केंद्रीय एजेंसियों को हो रहा है गलत इस्तेमाल
वहीं, कांग्रेस के नेता व मंत्री विजय वडेट्टीवार ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल हो रहा है। आज एकनाथ खडसे के खिलाफ ईडी की जांच शुरू हुई है। कल उनके खिलाफ भी ईडी लगाई जा सकती है। नई दिल्ली महाराष्ट्र सदन घोटाला व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक साल तक मुंबई के आर्थर रोड जेल में रह चुके एनसीपी नेता व खाद्य आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने इसे बदले की भावना करार दिया है। उन्होंने कहा कि खडसे के खिलाफ ईडी की जांच राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है।