प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) केस में प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत 177 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है। ईडी की इस कार्रवाई में दस अचल संपत्तियों को जब्त किया गया है। अब तक इस मामले में 2890 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
ईडी की ताजा कार्रवाई में पीडी एग्रो प्रोसेसर्स प्रा. लिमिटेड और दुनार फूड्स लिमिटेड के सुरेंदर गुप्ता की संपत्तियों को जब्त किया गया है। ये दोनों कंपनियां एनएसईएल की मुख्य डिफाल्टर हैं। जांच एजेंसी के अनुसार पीडी एग्रो प्रोसेसर्स प्राइवेट लिमिटेड ने धान और चावल की फर्जी खरीद दिखाकर एनएसईएल से भारी मात्रा में रकम हासिल कर ली। बाद में इस धनराशि के एक बहुत बड़े हिस्से को दुनार फूड्स के खाते में ट्रांसफर कर दिया।
ईडी ने मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के साथ मिलकर एनएसईएल एवं अन्य के खिलाफ 2013 में केस दर्ज किया था। इसके अनुसार आरोपियों ने आपराधिक साजिश रचकर एनएसईएल के 13 हजार निवेशकों को 5600 करोड़ रुपये का चूना लगाया था। इस मामले में ईडी ने एनएसईएल एवं 67 अन्य आरोपियों के खिलाफ मार्च, 2015 में 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।