प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मणिपुर में पोन्जी स्कीम से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच में लामजिंगबा ग्रुप ऑफ कंपनीज के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सनसम जैकी सिंह और उनके सहयोगियों की 63.18 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति अटैच की। इनमें 61.85 करोड़ रुपये मूल्य की 20 अचल संपत्तियां व 1.33 करोड़ रुपये की शेष राशि के दो बैंक खातों को अटैच किया गया। ईडी मुख्य आरोपी सनसम जैकी सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर चुकी है और वह वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है।
ईडी ने सनसम जैकी सिंह, एम रॉबिन्द्रो सिंह और लामजिंगबा ग्रुप ऑफ कंपनीज के अन्य अधिकारियों के खिलाफ मणिपुर की सात एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग मामला दर्ज किया है। ईडी ने जांच में पाया कि लामजिंगबा ग्रुप ऑफ कंपनीज ने सनसम जैकी सिंह की अध्यक्षता में अन्य सहयोगियों की मिलीभगत से 2017-2021 के बीच 15 हजार से अधिक निवेशकों को अधिक रिटर्न का झांसा देकर 600 करोड़ रुपये की चपत लगाई थी। यह समूह बिना किसी वैध पंजीकरण और लाइसेंस के बैंक या एनबीएफसी की तरह काम कर रहा था। अवैध रूप से एकत्र किए गए धन को लामजिंगबा समूह की कंपनियों के विभिन्न बैंक खातों र सनसम जैकी सिंह और उनके सहयोगियों के व्यक्तिगत खातों में रखा गया। इस पैसे से विभिन्न संपत्तियों को अवैध रूप से खरीदा गया। ईडी ने इन संपत्तियों को आपराधिक आय माना है।
कर्नाटक अवैध खनन मामले में राजमहल सिल्क्स के साझेदार की संपत्ति कुर्क
उधर, ईडी ने कर्नाटक के होस्पेट में लौह-अयस्क के अवैध खनन और व्यापार से जुड़े मामले के संबंध में राजमहल सिल्क्स के भागीदार असलम पाशा के 1.10 करोड़ रुपये मूल्य के एक आवासीय भूखंड को कुर्क करने का अस्थाई आदेश जारी किया है। ईडी ने राजमहल सिल्क्स और उसके प्रबंध भागीदार असलम पाशा के खिलाफ सीबीआई, आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), चेन्नई की ओर से आईपीसी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, और खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की है। इसके अलावा, सीबीआई, ईओडब्ल्यू, चेन्नई ने राजमहल सिल्क्स, असलम पाशा और 25 अन्य आरोपियों के खिलाफ कर्नाटक के अंकोला में सिविल जज और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोप पत्र दायर किया है।