आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन
टेरर फंडिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आतंकी सैयद सलाउद्दीन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में सलाउद्दीन से जुड़ी 13 संपत्तियों को जब्त कर लिया। वैश्विक स्तर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का सरगना सलाउद्दीन पाकिस्तान में रहता है और वहीं से भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियां चलाता है।
ईडी ने मंगलवार को बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 1.22 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया है। ये संपत्तियां आतंकी संगठन के लिए कथित तौर पर काम करने वाले बांदीपोरा निवासी मोहम्मद शफी शाह और सूबे के छह अन्य लोगों के नाम पर हैं। ईडी ने कहा कि उसने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कार्रवाई (यूएपीए) के तहत सलाउद्दीन, शाह और अन्य के खिलाफ आरोपपत्र का संज्ञान लेने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग का आपराधिक मामला दर्ज किया है।
ईडी ने बयान में कहा कि घाटी में सबसे ज्यादा सक्रिय आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन और रावलपिंडी में रहने वाला इसका प्रमुख कमांडर सलाउद्दीन आतंकवाद व अलगाववादी गतिविधियों की फंडिंग के लिए जिम्मेदार है। उसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाक में सक्रिय दूसरे संगठनों के साथ मिलकर जेकेएआरटी (जम्मू कश्मीर एफेक्टीज रिलीफ ट्रस्ट) नामक ट्रस्ट द्वारा जुटाए गए पैसों के जरिये भारतीय सरजमीं पर आतंकवाद के लिए फंड दिया।
हवाला के जरिये भारत भेजा गया टेरर फंड
केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि जांच में यह पता चला कि ‘टेरर फंड’ को हवाला व अन्य माध्यमों से भारत में भेजा गया। टेरर फंडिंग मामले में शाह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है।