प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को साल 2020 के केरल सोना तस्करी घोटाले के कथित सरगना केटी रमीस को गिरफ्तार कर लिया। रमीस को पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर था। बता दें, आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
फेसबुक लाइव पर खुलासा
केरल सोना तस्करी मामले की प्रमुख अभियुक्तों में से एक स्वप्ना सुरेश ने मार्च में कहा था कि सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) ने मामले को सुलझाने और राज्य छोड़ने के लिए उन्हें 30 करोड़ रुपये की पेशकश की। एक फेसबुक लाइव में स्वप्ना ने खुलासा किया कि सीपीआई (एम) के राज्य सचिव गोविंदन द्वारा भेजे गए विजय पिल्लई नाम के एक बिचौलिए ने उन्हें मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और परिवार के खिलाफ सभी सबूत (केरल सोना तस्करी घोटाला) सौंपने को कहा। जब उन्होंने इससे मना कर दिया तो जान से मारने की धमकी दी।
क्या है सोना तस्करी मामला
जुलाई 2020 में तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने 30 किलो से अधिक वजनी और करीब 15 करोड़ रुपये का सोने का सामान जब्त किया था। यह सोना संयुक्त अरब अमीरात के वाणिज्य दूतावास से आए सामान में छिपाकर लाया गया था। एक मुखबिर की सूचना के आधार पर सीमा शुल्क विभाग ने सोने जब्त किया। इस मामले में संयुक्त अरब अमीरात के वाणिज्य दूतावास की अधिकारी स्वप्ना सुरेश मुख्य आरोपी हैं। केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन के पूर्व प्रधान सचिव एम शिवशंकर का नाम भी इस मामले में सामने आया था। जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि स्वप्ना सुरेश ने सोना तस्करी मामले में मुख्यमंत्री विजयन पर भी आरोप लगाए थे और उन्हें भी तस्करी में शामिल बताया था। स्वप्ना ने कोच्चि की एक अदालत में बताया था कि जब साल 2016 में विजयन दुबई में थे तब उन्हें पैसों से भरा बैग भेजा गया था। अब ब्रह्मपुरम कचरा प्रबंधन प्लांट में आग को लेकर भी स्वप्ना सुरेश ने मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्य सचिव एम शिवशंकर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।