फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हवाला कारोबारी नरेश जैन को गिरफ्तार किया

Wed, 02 Sep 2020 10:27 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित ‘हवाला’ कारोबारी नरेश जैन को करीब 20 हजार करोड़ रुपये के ‘हवाला’ लेनदेन से जुड़े एक धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया है। यह जानकारी अधिकारियों ने बुधवार को दी। ईडी ने जैन की नौ दिन की कस्टोडियल रिमांड हासिल की है।

विज्ञापन


अधिकारियों ने बताया कि जैन को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कम से कम 600 बैंक खाते और कई शेल कंपनियां ईडी की जांच के घेरे में हैं। इसे देश के सबसे बड़े हवाला और व्यापार आधारित धनशोधन मामलों में से एक बताया जा रहा है।


जैन और उसके सहयोगियों की हवाला या अवैध वित्तीय लेनदेन के लिए जांच की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है। एजेंसी को मामले में आरोपियों के काम करने के एक नियमित तरीके का पता चला है जिसके तहत वे झूठे आयात और निर्यात के फर्जी चालान निकालते थे। 
विज्ञापन


जैन कथित तौर पर इसमें मुख्य व्यक्ति था। दिल्ली का यह उद्योगपति लंबे समय से एजेंसी के रडार पर था। 2016 में ईडी ने विदेशी मुद्रा कानून के कथित उल्लंघन के मामले में उसे 1200 करोड़ रुपये का नोटिस भी जारी किया था। एजेंसी की जैन पर 2009 से ही नजर है जब उसने अपना काम दुबई से भारत स्थानांतरित किया था।

एजेंसियों के अनुसार, जैन वर्षों से कथित तौर पर धनशोधन और हवाला के पैसे के लेनदेन में लिप्त है। उस पर मादक पदार्थ गिरोहों को भी धन मुहैया कराने का आरोप है और उसे पूर्व में मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने गिरफ्तार भी किया था। ईडी का धनशोधन का मामला एनसीबी की शिकायत पर ही आधारित है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें