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धोखाधड़ी: कृषि भूमि की बिक्री और विकास के नाम पर लाखों निवेशक फंसे, न जमीन मिली न रिटर्न; कैसे हुआ फर्जीवाड़ा?

Sat, 19 Sep 2026 04:41 PM IST
निर्मल कांत डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

कृषि भूमि देने के नाम पर लाखों निवेशकों से 48,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए गए। लेकिन ज्यादातर निवेशकों को न जमीन मिली और न पैसा वापस हुआ। अब ईडी की कार्रवाई में 42 करोड़ की संपत्ति सामने आई है, तो आखिर इस पूरे मामले में अब तक क्या-क्या हुआ? पढ़िए रिपोर्ट
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ईडी की बड़ी कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली क्षेत्रीय कार्यालय ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने एनएन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास मौजूद 'इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट लिमिटेड' के इक्विटी शेयरों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। इन शेयरों की मौजूदा बाजार कीमत 42.13 करोड़ रुपये है।
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किस मामले में हुई यह कार्रवाई?
यह कार्रवाई पीएसीएल लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों की जांच के तहत की गई है। इन कंपनियों पर सामूहिक निवेश योजना के जरिये बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने का आरोप है। इसी मामले की जांच की गई है।

ईडी ने यह जांच सीबीआई, नई दिल्ली की ओर से दर्ज एक मामले के आधार पर शुरू की थी। यह मामला भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120-बी और 420 के तहत दर्ज किया गया था। इसके बाद सीबीआई ने एक गैरकानूनी निवेश योजना चलाने में भूमिका के लिए 33 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र और पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।
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कैसे जुटाए गए 48 हजार करोड़?
आरोपपत्र के अनुसार, आरोपी संस्थाओं और लोगों ने एक बड़ी गैरकानूनी सामूहिक निवेश योजना चलाई। उन्होंने देशभर के लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करके 48 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए। निवेशकों को कृषि भूमि बेचने और उसे विकसित करने के नाम पर निवेश के लिए तैयार किया गया। उन्हें नकद भुगतान और किस्तों में भुगतान की योजनाओं के जरिये निवेश करने के लिए उकसाया गया।

निवेशकों को बदले में क्या मिला?
निवेशकों से करार, मुख्तारनामा और दूसरे दस्तावेजों जैसे गुमराह करने वाले कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए। ज्यादातर मामलों में निवेशकों को जमीन दी ही नहीं गई। उन्हें करीब 48 हजार करोड़ रुपये का भुगतान भी नहीं किया गया। ईडी ने इस मामले में 2016 में प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद 2018 में अभियोजन शिकायत दायर की गई। धनशोधन के अपराध में शामिल अलग-अलग आरोपियों और संस्थाओं के खिलाफ 2022, 2025 और 2026 में छह अतिरिक्त अभियोजन शिकायतें भी दायर की गईं।

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कितने शेयर जब्त किए गए?
ईडी ने एनएन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास मौजूद 'इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट लिमिटेड' के 29,46,341 इक्विटी शेयर अटैच (ज़ब्त) किए हैं। इन्हें 30.90 करोड़ रुपये में खरीदा गया था और 18.09.2026 को इनकी मौजूदा बाजार कीमत 42,13,26,763 रुपये (143 रुपये प्रति शेयर) थी।
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शेयरों के लिए किस पैसे का इस्तेमाल हुआ?
जांच से पता चला कि एनएन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के पास मौजूद 'इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट लिमिटेड' के इक्विटी शेयरों के लिए पीएसीएल से डायवर्ट किए गए फंड का इस्तेमाल किया गया था। यह फंड मूल रूप से भोले-भाले निवेशकों से इकट्ठा किया गया था और 'अपराध से प्राप्त आय' का हिस्सा था। इस अटैचमेंट के साथ, ईडी ने अब तक लगभग 29,667.76 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच की हैं। इनमें भारत और विदेश में स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं।
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