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बजट 2021: स्टार्टअप के लिए अच्छी पहल, पर बड़े साहस से चूकी सरकार

Tue, 02 Feb 2021 06:31 AM IST
देव कश्यप लॉर्ड मेघनाद देसी, अर्थशास्त्री
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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आम बजट को अच्छा कहा जा सकता है, मगर सरकार को बड़ा साहस दिखाने की जरूरत थी। खासतौर से खर्च और निवेश के मामले में सरकार ऐसा कर दिखाने में सफल नहीं हुई। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि भविष्य में सरकार अपने कहे पर कायम रहती है या नहीं। हां, प्रवासी मजदूरों के साथ स्टार्टअप मामले में सरकार ने कुछ बेहतर करने का साफ संदेश दिया है।

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मैं जब कम साहस दिखाने की बात करता हूं, तो इसका मतलब सरकार द्वारा किया जाने वाला खर्च है। कोरोना काल मे दुनिया के देश राजकोषीय घाटे को दरकिनार करते हुए खर्च बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। इनका एक ही मंत्र है। खर्च करो और फिहलाल अर्थव्यवस्था की चिंता मत करो। जहां तक भारतीय अर्थव्यवस्था का सवाल है तो 6.8 फीसदी राजकोषीय घाटा वह भी कोरोना काल में बहुत बड़ी चिंता नहीं है। इसके बावजूद सरकार बड़ा साहस दिखाने से चूक गई।

सुधार पर भरोसा करना मुश्किल: वित्तमंत्री ने पीएसयू बेचने, बीमा क्षेत्र में निवेश का दायरा 74 फीसदी करने की घोषणा की है। कोई जरूरी नहीं कि सरकार भविष्य में वास्तव में ऐसा ही करे। करीब दो दशक पहले वाजपेयी सरकार के दौरान विनिवेश मंत्री अरुण शौरी ने इस ओर मजबूती से कदम बढ़ाया था। हालांकि इसके बाद मनमोहन और मोदी सरकार ने सुधार पर बड़े-बड़े दावे तो किए, मगर अमल करने की हिम्मत नहीं दिखा पाए। यहां समझना होगा कि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए पीएसयू को बेचकर रकम जुटाना जरूरी है। यह भविष्य के गर्त में है कि सरकार ऐसा करेगी या नहीं।
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स्टार्टअप के लिए बेहतर पहल: बजट में प्रवासी मजदूरों और स्टार्टअप के लिए बेहतर पहल की गई है। से जटिलताओं से बचाने और बड़े समर्थन की जरूरत थी। सरकार ने दोनों ही मोर्चों पर हिम्मत दिखाई है। एक व्यक्ति को स्टार्टअप की स्वतंत्रता देने, एनआरआई को तकलीफों से बचाने, नियमों को सरल करने से सरकार को इसका लाभा मिलेगा। प्रवासी मजदूरों के लिए पोर्टल बना कर उनका रजिस्ट्रेशन करने की घोषणा स्वागत योग्य कदम है।

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