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ERA: भारत में पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के लिए ERA अपनी तरह पहला मंच, सामुदायिक प्रयासों को देगा बढ़ावा

Wed, 10 Aug 2022 06:16 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत में पारिस्थितिकी बहाली आंदोलन की दिशा में पिछले कुछ दिनों से तेजी आई है। इस मंच का उद्देश्य इस दिशा में समुदाय के प्रयासों को बढ़ावा देना है। ये अनूठा डिजिटल प्लेटफॉर्म नागरिकों को उनके क्षेत्र में पारिस्थितिक तंत्र को बहाल करने के लिए जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन देगा।
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पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली - फोटो : istock
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विस्तार
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देश इस वर्ष अपनी स्वतंत्रता के 75 साल पूरे करेगा। इसी क्रम में मोदी सरकार इस साल को आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मना रही है। वहीं, इसी मौके परइकोलॉजिकल रिस्टोरेशन एलायंस-इंडियाज (ईआरए-इंडिया) की शुरुआत भी हुई है। ईआरए-इंडिया को पंद्रह अगस्त को भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पेश किया जाएगा। ईआरए-इंडिया अपने मूल पारिस्थितिकी की ओर परिदृश्य को बहाल करने की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत का पहला मंच है।

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ईआरए-इंडिया की शुरुआत नेचर कंजर्वेशन फाउंडेशन (एनसीएफ), ऑरोविले बॉटनिकल गार्डन, द फॉरेस्ट वे, ग्रीन हब, अदावी ट्रस्ट, कीस्टोन फाउंडेशन और इकोलॉजिस्ट और रेस्टोरेशन प्रैक्टिशनर्स, अपर्णा वातवे, प्रदीप कृष्ण, सुप्रभा शेषन और विजय धस्माना जैसे संगठनों और लोगों ने मिलकर की है। 

गौरतलब है कि भारत में पारिस्थितिकी बहाली आंदोलन की दिशा में पिछले कुछ दिनों से तेजी आई है। वहीं, इस मंच का उद्देश्य इस दिशा में समुदाय के प्रयासों को बढ़ावा देना है। ये अनूठा डिजिटल प्लेटफॉर्म नागरिकों को उनके क्षेत्र में पारिस्थितिक तंत्र को बहाल करने के लिए जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन देगा। इसके अलावा इसका उद्देश्य पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली पर सामुदायिक प्रयासों को बढ़ावा देना। इस प्लेटफार्म का उद्देश्य देश भर में पारिस्थितिक बहाली के प्रयासों में कॉर्पोरेट्स और भारतीय नागरिकों में रुचि पैदा करना और अन्य समान विचारधारा वाले समूहों को इस दिशा में एक साथ लाना भी है। 
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नई वेबसाइट और प्लेटफॉर्म era-india.org लोगों की सहायता करने के लिए संसाधन, दिशा-निर्देश और एक मानचित्र-आधारित इंटरफ़ेस प्रदान करता है। इसके जरिए देश के विभिन्न कोनों में रहने वाले लोग अपने-अपने क्षेत्र के बारे में जानकारी इकट्ठी कर देशी प्रजातियों और उनको बनाए रखने के तरीके के बारे में जान सकते हैं। 

क्या है पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली 
पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली का मतलब है कि उन पारिस्थितिक तंत्रों के निर्माण में सहायता करना जो कि खराब या नष्ट हो चुके हैं, साथ ही उन पारिस्थितिक तंत्रों का संरक्षण करना जो अभी भी बरकरार हैं।

लोगों को कनेक्ट करने में करेगा मदद
जैव विविधता की निदेशक अनीता वर्गीज ने कहा कि यह मंच भारत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण आवश्यकता को संबोधित करता है। इसके जरिए लोग पारिस्थितिक तंत्र की बहाली के बारे में कहां, क्या, और कैसे सीख सकते हैं साथ ही ये इस मुद्दे पर देश भर के लोगों को कनेक्ट करने में भी मददगार होगा। 

ईआरए-इंडिया मंच पर एक साथ आने वाले सदस्य संगठनों में प्रकृति संरक्षण शामिल है। एनसीएफ फाउंडेशन, ऑरोविले बॉटनिकल गार्डन, द फॉरेस्ट वे, ग्रीन हब, अदावी ट्रस्ट और पारिस्थितिकीविदों और बहाली चिकित्सकों के साथ ईआरए-इंडिया ने एक 10-सूत्रीय पारिस्थितिक तंत्र भी विकसित किया है। 

'Jungle Trees of Central India' के लेखक प्रदीप कृष्ण ने कहा कि भारत में अवक्रमित आवासों को बहाल करने के लिए मजबूत आंदोलन भारत के विभिन्न हिस्सों में एक मूक आंदोलन के रूप में बढ़ रहा है। प्रत्येक क्षेत्र की मूल प्रजातियों से लेकर नए उपकरण बनाने तक की अनूठी चुनौतियों का समाधान करना और इसके लिए अपनाए जाने वाले तरीकों का जानकारी हम सभी तक पहुचाएंगे। उन्होंने कहा कि एक नए क्षेत्र में  हम जानकारी साझा करने, सहयोग करने और निर्माण करने के लिए एक साथ आ रहे हैं

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