काशी में नौ मार्च को खंड ग्रास सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। यह ग्रस्तोदित खंड सूर्य ग्रहण होगा। भगवान सूर्य ग्रहण काल में ही उदय होंगे, इसलिए इसे आसानी से देखा जा सकेगा। सुबह-ए-बनारस का नजारा लेने वाले सैलानी इस खगोलीय घटना को कैमरे में कैद कर सकेंगे। इस ग्रहण का आठ राशियों के जातकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
ग्रस्तोदित खंड सूर्य ग्रहण काशी में 30 मिनट का होगा। चूंकि यह ग्रहण पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में लग रहा है, इसलिए इस नक्षत्र में जिन जातकों का जन्म हुआ हो, उन्हें ग्रहण न देखने की सलाह ज्योतिषियों ने दी है। ग्रहण सूर्योदय के साथ ही सुबह 6:17 बजे दिखेगा। मोक्ष 6:47 बजे होगा। सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाएगा।
ऐसे में आठ मार्च की शाम छह बजे से ही सूतक काल आरंभ होने के साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, मानस मंदिर और दुर्गाकुंड के अलावा अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूजन स्थगित कर दिया जाएगा। इस दौरान मंदिर में प्रवेश, मूर्ति स्पर्श, भोजन करना, यात्रा पर निकलना और स्त्री के साथ रहना वर्जित रहेगा।
महावीर पंचांग के संपादक डॉ. रामेश्वर नाथ ओझा के मुताबिक उस दिन पूर्वा भाद्रपद में कुंभ राशि पर जब सूर्य रहेंगे, तब ग्रहण लगेगा। ऐसे में इस राशिवालों को सावधानियां बरतनी होंगी। कुंभ राशि वाले जातक ग्रहण काल में घर से बाहर न निकलें और ग्रहण न देखें तो प्रतिकूल प्रभाव से बच सकते हैं।
बालक, वृद्ध और रोगी ग्रहण काल में अल्पाहार ले सकते हैं लेकिन सूतक काल से पहले दूध, दही, घी और भोजन सामग्री में कुश रख देना चाहिए। गर्भवती महिलाएं पेट पर गाय के गोबर का लेप लगा सकती हैं।
मेष- लाभकारी, वृष- सुखदायी, मिथुन- अपमानकारक, कर्क- मृत्युकारक, सिंह- स्त्री पीड़ा, कन्या- शुभदायक, तुला- चिंतादायक, वृश्चिक- व्यथा, धनु- श्री वृद्धि, मकर- हानिकारक, कुंभ- घात, मीन- अनावश्यक व्यय।