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ECI: बंगाल की मतदाता सूची में विसंगतियों वाले नाम आयोग की वेबसाइट पर अपलोड; SIR पर ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान

Sat, 24 Jan 2026 11:24 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता / नई दिल्ली।

सार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से जुड़े विवरण अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। इस ब्योरे में तार्किक विसंगतियों की सूची में शामिल लोगों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा एक अन्य अहम घटनाक्रम में केंद्रीय निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कहा है कि जल्द ही बाकी राज्यों में भी एसआईआर शुरू होगा।
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मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान तार्किक विसंगतियों की सूची में शामिल लोगों के नाम अपलोड कर दिए। अब जिला निर्वाचन अधिकारी अदालत के निर्देशानुसार सूची डाउनलोड करेंगे और उसे पंचायत भवनों और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित करेंगे।

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तार्किक विसंगतियों में 2002 की मतदाता सूची से बच्चों के माता-पिता के नाम का बेमेल होना और मतदाता और उनके माता-पिता के बीच आयु का अंतर 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक होना शामिल है। सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह पश्चिम बंगाल के ग्राम पंचायत भवनों, तालुका ब्लॉक कार्यालयों और वार्ड कार्यालयों में शनिवार तक तार्किक विसंगतियों की सूची में शामिल लोगों के नाम प्रदर्शित करे। कोर्ट ने कहा कि राज्य में 1.25 करोड़ मतदाता तार्किक विसंगतियों की सूची में शामिल हैं।

जल्द ही बाकी राज्यों में भी शुरू होगा एसआईआर: मुख्य चुनाव आयुक्त
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को कहा कि मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जल्द ही शेष राज्यों में शुरू किया जाएगा। राष्ट्रीय मतदाता दिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने शुद्ध मतदाता सूची को लोकतंत्र की आधारशिला बताया। वर्तमान में यह प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है।
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दरअसल, बिहार में एसआईआर सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जहां अंतिम मतदाता सूची के खिलाफ एक भी अपील दर्ज नहीं हुई। ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिहार में इस बार 1951 के बाद से सबसे अधिक 67.13 फीसदी मतदान हुआ, जिसमें महिलाओं की भागीदारी 71.78 फीसदी रही। उन्होंने युवाओं से लोकतंत्र का राजदूत बनने और भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया। गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग की स्थापना 25 जनवरी 1950 को हुई थी।

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