केंद्रीय निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया कि मसौदा मतदाता सूची में तेजस्वी यादव का पिछले लोकसभा चुनाव के ईपीआईसी नंबर के साथ शामिल किया गया है। सूत्रों ने कहा कि आयोग को आशंका है कि तेजस्वी के पास दो ईपीआईसी नंबर हैं और इसकी जांच कराई जाएगी। सूत्रों ने कहा कि यह पूरी तरह संभव है कि दूसरा ईपीआईसी (चुनाव फोटो पहचान पत्र) कभी भी आधिकारिक माध्यम से नहीं बनाया गया हो।
आयोग सूत्रों ने तेजस्वी प्रसाद के इस आरोप को खारिज कर दिया कि उनका ईपीआईसी नंबर बदल दिया गया था। उन्होंने कहा कि राजद नेता ने 2020 में हलफनामे पर अपना नामांकन पत्र भरने के लिए ईपीआईसी नंबर आरएबी0456228 के साथ मतदाता सूची का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि अन्य ईपीआईसी संख्या - आरएबी2916120 - अस्तित्वहीन पाई गई है। 10 वर्षों से अधिक के रिकार्ड की जांच की गई है, तथा यह समझने के लिए आगे जांच की जा रही है कि क्या यह जाली दस्तावेज है।
राहुल ने महाराष्ट्र चुनाव में धांधली के आरोपों पर जून में भेजे पत्र का अब तक नहीं दिया जवाब
निर्वाचन आयोग ने शनिवार को दावा किया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में चुनावी धांधली के आरोपों से संबंधित जून में भेजे गए पत्र का अभी तक जवाब नहीं दिया है। आयोग ने कहा कि उसने दो महीने पहले कांग्रेस नेता को अपने पास आने का निमंत्रण भेजा था, लेकिन राहुल ने उसका भी जवाब नहीं दिया। चुनाव आयोग के सूत्रों ने पूछा, ऐसा क्यों? क्या इसलिए कि उनके मीडिया बयान निराधार थे?
12 जून को लिखे पत्र में, चुनाव आयोग ने विपक्ष के नेता को महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में धांधली के बारे में उनके आरोपों को लेकर बातचीत के लिए आमंत्रित किया था। राहुल ने तब दावा किया था कि इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में भी आयोग फिर से चुनावी धांधली को दोहराएगा। आयोग ने बीते दिनों लगातार राहुल की ओर से लग रहे आरोपों के बीच 12 जून को भेजे पत्र को सार्वजनिक कर दिया है।