चुनाव आयोग ने सरकार से लोक प्रतिनिधित्व कानून में संशोधन की गुजारिश करते हुए वोटिंग से 48 घंटे पहले अखबारों में राजनीतिक विज्ञापन पर रोक लगाने की मांग की है।
दरअसल, मई में कानून मंत्रालय के विधि विभाग के साथ एक बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने अनुरोध किया था कि प्रिंट मीडिया को भी जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 126 में शामिल किया जाना चाहिए।
इसके तहत वोटिंग के दिन से 48 घंटे पहले अखबारों में राजनीतिक विज्ञापनों और चुनाव अभियान पर रोक लगाई जा सकती है। आयोग ने अक्टूबर-नवंबर 2015 में बिहार चुनाव के दौरान अपनी इस संवैधानिक शक्ति का इस्तेमाल किया था।
अभी टीवी, रेडियो समेत इलेक्ट्रोनिक मीडिया और सोशल मीडिया में वोटिंग से 48 घंटे पहले राजनीतिक विज्ञापन पर रोक है। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने अनुच्छेद 324 का इस्तेमाल करते हुए राज्य के कई जिलों के अखबारों में राजनीतिक विज्ञापन पर रोक लगाई थी।
आयोग चाहता है कि सरकार संशोधन के जरिए स्थाई रूप से उसे ये शक्तियां दें। बिहार चुनाव के समय भाजपा के कई विवादित विज्ञापनों को मद्देनजर चुनाव आयोग ने अपनी इस संवैधानिक शक्ति का इस्तेमाल किया था।