चुनाव आयोग जल्द ही आयकर विभाग को ऐसी पार्टियों की सूची सौंपने जा रहा है, जो सिर्फ कागजों में में हैं और लोगों के कालेधन को सफेद करने में जुटी हैं। आयोग का मानना है कि देशभर में ऐसी 200 से अधिक पार्टियां हैं, जिन्होंने 2005 के बाद से चुनाव लड़ा ही नहीं। आयोग चाहता है कि ब्लैक मनी को व्हाइट करने में लगी ऐसी ऐसी पार्टियों के खिलाफ जो कार्रवाई की जाए।
ऐसी पार्टियों को जो लंबे समय से चुनाव नहीं लड़ रही हैं, उनका रजिस्ट्रेशन रद्द करने संबंधी प्रस्ताव कानून मंत्रालय में लंबित है। हालांकि, चुनाव आयोग को संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत ऐसी पार्टियों की मान्यता रद्द करने का अधिकार है।
देशभर में 1780 राजनीतिक पार्टियां पंजीकृत हैं, लेकिन वे मान्यताप्राप्त नहीं हैं। इसके अलावा, भाजपा, कांग्रेस, बसपा, सपा, टीएमसी, सीपीआई, सीएमआई-एम और एनसीपी सात राष्ट्रीय दल और 58 राज्य स्तरीय पार्टियां हैं। एजेंसी