पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और बीजेपी विधायक शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि तृणमूल शासित बंगाल में भी ऐसी प्रक्रिया होनी चाहिए। चुनाव आयोग ने बिहार में इस कवायद के तहत अयोग्य नामों को हटाने और सभी योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के उद्देश्य से एसआईआर शुरू किया है, ताकि विधानसभा चुनावों में सभी पात्र नागरिक मतदान कर सकें।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, यह एक अच्छा कदम है और इससे पारदर्शिता आएगी। जिन अवैध प्रवासियों ने देश की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है, उन्हें चिन्हित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, जिन लोगों ने फर्जी आधार कार्ड और पहचान पत्रों के जरिये खुद का नाम मतदाता सूची में शामिल कराये हैं, उनके नामों को सूची से हटाया जाना चाहिए।
शुभेंदु अधिकारी पहले भी आरोप लगा चुके हैं कि बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों ने बंगाल में खुद को मतदाता सूची में दर्ज करा लिया है और उन्होंने इनकी पहचान कर नाम हटाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था, बंगाल में भी विशेष गहन पुनरीक्षण होना चाहिए। रोहिंग्या जैसे लोग, जिन्होंने फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र के जरिए खुद को पंजीकृत करा लिया है, उन्हें भी पहचाना जाना चाहिए। अधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि भारत के मतदाता सूची में केवल भारतीय नागरिकों के ही नाम होने चाहिए। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
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चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बताया कि बिहार के 7.96 करोड़ मतदाताओं में से करीब 87 प्रतिशत को विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए अर्ध-भरे हुए एनुमरेशन फॉर्म दिए जा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन इंडिया की पार्टियां इस विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का विरोध कर रही हैं। यह प्रक्रिया बिहार में पहले ही शुरू हो चुकी है और इसे पांच अन्य राज्यों – असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी लागू करने की योजना है, जहां अगले साल चुनाव होने हैं।