इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को झूठा साबित करने की चुनाव आयोग की चुनौती अब तक किसी राजनीतिक दल ने स्वीकार नहीं की है। ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा रहे राजनीतिक दलों के लिए आयोग ने 26 मई की शाम पांच बजे तक आवेदन मंगाया है ताकि 3 जून से वे आयोग के समक्ष ईवीएम की टैंपरिंग कर अपने आरोपों को सच साबित कर सकें।
बृहस्पतिवार शाम तक राजनीतिक दलों की ओर से कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई है। वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग बेहद सक्रिय होकर आरोप लगा रहे राजनीतिक दलों को जवाब दे रहा है।
EC ने 'AAP' की मांग को किया खारिज
चुनाव आयोग ने बृहस्पतिवार को ईवीएम के मदरबोर्ड या आंतरिक सर्किट में छेड़छाड़ करने की इजाजत देने की आम आदमी पार्टी की मांग को खारिज कर दिया है। आयोग ने इस दल को चिट्ठी लिखकर कहा है कि मदरबोर्ड में बदलाव की अनुमति देना किसी व्यक्ति को नई मशीन बनाने या फिर चुनाव आयोग की प्रणाली में नवनिर्मित ईवीएम की अनुमति देने जैसा होगा जोकि असंभव और अतार्किक है।
आयोग ने कहा कि यह एक सामान्य सी बात है कि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मशीन के मदरबोर्ड या इंटरनल सक्रिट सिस्टम को बदलना पूरे उपकरण को बदलने जैसा है। इसे बदलने के बाद इस मशीन का स्वरूप ही बदल जाएगा।
लिहाजा, हम आपकी मांग को खारिज करते है और तय मानकों के आधार पर ही ईवीएम चैलेंज साबित करने की चुनौती देते है। आयोग ने बृहस्पतिवार को भी राजनीतिक दलों से अपने आरोपों के पक्ष में सबूत देने के लिए कहा है।