वहीं पूर्वोत्तर में सत्ता पर काबिज होने का सपना देख रही भाजपा ने इस बार के चुनावों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी के चुनाव अभियान में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 जनवरी को राज्य में पार्टी की दो चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे।
सूत्रों ने बताया कि दौरे की तारीख तय होने के बावजूद फिलहाल रैली की जगह तय नहीं हुई है। भाजपा के अपने आकलन के मुताबिक, राज्य में पार्टी को 60 सीटों में से कम से कम 35 सीटों पर जीत की उम्मीद है। दिलचस्प बात यह है कि फिलहाल उसका एक भी विधायक यहां नहीं है।
भाजपा के प्रवक्ता विक्टर सोम की दलील है कि कम से कम 30 ऐसी सीटें हैं जहां बीते चुनावों में वाममोर्चा उम्मीदवार तीन हजार से भी कम वोटों के अंतर से जीते थे। पार्टी का आरोप है कि वाममोर्चा फर्जी वोटरों के सहारे ही इतने लंबे समय तक सत्ता में रही है।
उधर, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने पूर्वोत्तर के तीन राज्यों मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा में अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। पार्टी के महासचिव प्रफुल्ल पटेल ने यहां पत्रकारों को बताया कि पार्टी मेघालय की 60 में से 42 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करेगी। पार्टी ने छह उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए राज्य में अपना चुनाव अभियान शुरू कर दिया है।