पश्चिम बंगाल में मतगणना के दिन शांति बनाए रखने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने जीत के जुलूसों पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि मतगणना शांतिपूर्ण चल रही है और अब तक किसी हिंसा की सूचना नहीं है। विजय रैलियों की अनुमति कल से पुलिस की मंजूरी के बाद ही दी जाएगी।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान प्रशासन ने कड़े एहतियाती कदम उठाए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि किसी भी उम्मीदवार या पार्टी को जीत का जश्न मनाने के लिए रैलियां निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि 293 विधानसभा सीटों की मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और अब तक किसी भी तरह की हिंसा की खबर नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि हमने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आज किसी भी तरह की विजय रैली की अनुमति न दें। ये रैलियां कल से अनुमति के साथ निकाली जा सकेंगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी विजय जुलूस के लिए स्थानीय पुलिस से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में अब तक चुनाव से जुड़ी किसी हिंसक घटना या मौत की सूचना नहीं मिली है।
एजेंटों की शिकायतों पर क्या बोले?
इस बीच, विभिन्न राजनीतिक दलों के एजेंटों के मतगणना केंद्रों तक समय पर नहीं पहुंच पाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने कहा कि आयोग इन शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि एजेंटों के केंद्र तक नहीं पहुंच पाने के मुद्दे की जांच की जा रही है और इसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।