उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा की ओर से कथित तौर पर खेले जा रहे दलित-मुस्लिम कार्ड और मुसलमानों से खुलेआम पार्टी के पक्ष में वोट डालने संबंधी मायावती की अपील पर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने इसे धर्म के नाम पर राजनीति करार देते हुए चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। पार्टी ने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो भाजपा इस बारे में चुनाव आयोग से शिकायत भी करेगी।
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता वैंकेया नायडू ने कहा कि एक धर्म विशेष से वोट देने की अपील करना चुनाव में धर्म का इस्तेमाल है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने हालिया फैसले में धर्म और जाति के नाम पर राजनीति पर रोक लगा दी है। ऐसे में चुनाव आयोग को संज्ञान लेते हुए बसपा और बसपा प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
पार्टी ने अगर जरूरत महसूस की तो आयोग के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराएगी। इस दौरान नायडू ने दो चरण के बाद बसपा और मायावती की बेचैनी बढ़ने का दावा किया। गौरतलब है कि अकेले दम पर चुनाव मैदान में उतरी बसपा ने करीब 40 फीसदी टिकट दलित और मुस्लिमों को दिया है। इसके अलावा पांच दर्जन से अधिक सीटों पर ब्राह्मण बिरादरी को उम्मीदवार बनाया है।