भाजपा के पूर्व महासचिव और संघ के वरिष्ठ नेता केएन गोविंदाचार्य ने राजनीतिक दलों पर मनीलांड्रिंग का नेटवर्क बन जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से इन पर नोटबंदी कानून की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
गोविंदाचार्य ने कहा कि नोटबंदी कानून और इसके लिए जारी दिशा निर्देश के तहत करेंट अकाउंट में 2.5 लाख से अधिक रकम जमा कराने पर इसकी सूचना आयकर विभाग को दिया जाना अनिवार्य है। ऐसे में इस दौरान अगर राजनीतिक दलों के खातों में भी इसके बराबर या इससे अधिक रकम जमा हुई है तो इसकी जांच आयकर विभाग से कराई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि 18 नवंबर के बाद दलों के खाते में जमा 500 और 1000 के पुराने नोट को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।