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Earthquake: तुर्किये में भूकंप की भविष्यवाणी करने वाले ने दी थी चेतावनी, जानें भारत-पाक को लेकर क्या कहा था

Wed, 22 Mar 2023 06:43 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बीते महीने फरवरी में तुर्किये और सीरिया में विनाशकारी भूकंप आए थे। जिससे पचास हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई। तब डच शोधकर्ता फ्रैंक होगरबीट्स ने घोषणा की थी कि अगली पंक्ति में एशियाई देश हैं।
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डच शोधकर्ता फ्रैंक हूगरबीट्स। - फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब
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विस्तार
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राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मंगलवार की रात 10 बजकर 19 मिनट पर तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके अलावा भूकंप के झटके उत्तराखंड, पंजाब समेत कई राज्यों में भी महसूस किए गए। काफी देर तक अफरा-तफरी का मौहाल रहा। लोग अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकले। पड़ोसी देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी भूकंप के तगड़े झटके महसूस किए गए। ऐसे में डच शोधकर्ता फ्रैंक होगरबीट्स की भविष्यवाणी की चर्चा होने लगी है। 

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बीते महीने फरवरी में तुर्किये और सीरिया में विनाशकारी भूकंप आए थे। जिससे पचास हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई। तब डच शोधकर्ता फ्रैंक होगरबीट्स ने घोषणा की थी कि अगली पंक्ति में एशियाई देश हैं। एक वीडियो में फ्रैंक होगरबीट्स को एक बड़े भूकंप की भविष्यवाणी करते हुए देखा गया था। होगरबीट्स ने कहा था कि एशियाई देश तुर्किये जैसे भूकंप या प्राकृतिक आपदाओं का सामना करेंगे। उनके मुताबिक, अगला भूकंप अफगानिस्तान से शुरू होगा और अंततः पाकिस्तान और भारत को पार करने के बाद हिंद महासागर में समाप्त होगा।



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फ्रैंक ने भारत-पाक के बारे में क्या कहा था?
वीडियो क्लिप में होगरबीट्स को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि यदि हम वायुमंडलीय उतार-चढ़ाव को देखें तो ये क्षेत्र बढ़ी हुई भूकंपीय गतिविधि के लिए अगले शिकार हो सकते हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि ध्यान रखें कि ये मोटे अनुमान हैं और सभी बड़े भूकंप पर्यावरण में अपना पदचिह्न नहीं छोड़ते हैं और न ही वे हमेशा अपनी घोषणा नहीं करते हैं। उनका दावा था  कि ये अनुमान अस्थायी हैं क्योंकि वायुमंडलीय उतार-चढ़ाव से सभी महत्वपूर्ण भूकंपों का पता नहीं लगाया जा सकता है। अपने यूट्यूब वीडियो में होगरबीट्स ने विस्तार से सौर मंडल ज्यामिति सूचकांक के बारे में बताया था जो बड़े पैमाने पर भूकंप की भविष्यवाणी करता है। फ्रैंक होगरबीट्स सोलर सिस्टम ज्योमेट्री सर्वे (एसएसजीएस) नामक संस्थान में शोधकर्ता हैं।

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