भूकंप जैसी आपदा के समय थोड़ी सतर्कता और हिम्मत दिखाएं, कुछ सावधानियां बरतें और खुद के साथ साथ दूसरों को भी बचाएं। भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है, जिसे किसी भी तरह से रोका नहीं जा सकता। यहां तक कि वैज्ञानिक इसका पूर्वानुमान भी नहीं लगा सकते कि कब आएगा। ऐसे में भूकंप के समय बरती जाने वाली सावधानियों को हमेशा ध्यान में रखना होगा।
ये बातें ध्यान रखें: भूकंप के समय अगर आप घर के अंदर हैं तो फर्श पर बैठ जाएं। किसी मज़बूत टेबल या ऐसे किसी फर्नीचर के नीचे पनाह लें। अगर आसपास टेबल नहीं है तो हाथ से चेहरे और सिर को ढक लें। घर के किसी कोने में चले जाएं। कांच, खिड़की, बाहरी दरवाजे और दीवार और झूमर आदि जैसी किसी भी गिरने वाली चीज से दूर रहें। अगर बिस्तर पर हैं तो लेटे रहें, तकिया से सिर ढक लें।
पाकिस्तान में भी राजधानी इस्लामाबाद, लाहौर, पेशावर, रावलपिंडी और मुरी समेत समूचे उत्तरी क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां सबसे ज्यादा प्रभाव खैबर पख्तूनवा राज्य और मालाकंड डिविजन के पहाड़ी क्षेत्रों में रहा। पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन विभाग के प्रवक्ता वसीम अहमद ने भूकंप की तीव्रता 6.4 और गहराई 210 किलोमीटर बताई है।
उन्होंने भी अपने यहां किसी नुकसान से इनकार किया है। डॉन समाचार पत्र ने दावा किया है कि भूकंप के दौरान पाकिस्तानी संसद का सत्र चल रहा था। झटके शुरू होते ही संसद में भगदड़ मच गई और खौफजदा सांसद दौड़कर बिल्डिंग से बाहर निकलते दिखाई दिए। यही हाल विदेश कार्यालय में भी देखने को मिला।