फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Earth Hour: देशभर में एक घंटे के लिए लाइटें बंद की गईं; रूस ने किया बहिष्कार, WWF को बताया विदेशी एजेंट

Sat, 25 Mar 2023 09:22 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रूस ने कहा है कि वह इस साल अर्थ आवर पर अंधेरा करने से परहेज करेगा। उसने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ को 'विदेशी एजेंट' करार दिया है।
विज्ञापन
Vladimir Putin - फोटो : Social Media (File)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दुनिया में हर साल अर्थ आवर डे मनाया जाता है। विश्व वन्यजीव कोष (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) की तरफ से हर साल मार्च के महीने में आखिरी शनिवार को इसका आयोजन किया जाता है। इस दिन रात साढ़े आठ बजे से साढ़े नौ ब जे तक दुनियाभर के करोड़ों लोग स्वेच्छा से एक घंटे तक लाइट को बंद करते हैं। इसका उद्देश्य धरती को बेहतर  बनाने की दिशा में एकजुटता का संदेश देना है। इस बीच रूस ने कहा है कि वह इस साल इस दिन अंधेरा करने से परहेज करेगा। उसने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ को 'विदेशी एजेंट' करार दिया है। 

विज्ञापन


रूस की समाचार एजेंसी तास की रिपोर्ट के मुताबिक क्रेमलिन के प्रेस सचिव ने कहा, इस साल हमने इस प्रतियोगिता में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वह (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) एक विदेशी एजेंट बन गया है। पेस्कोव ने कहा कि क्रेमलिन 25 मार्च को अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण आंदोलन अर्थ आवर में शामिल नहीं होगा। 

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब रूस ने यूक्रेन में हमले के बाद से अधिकांश विदेशी-संबद्ध समूहों पर कार्रवाई की है, जिसमें जलवायु-केंद्रित संगठन भी शामिल हैं। रूसी न्याय मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की रूसी शाखा को विदेशी एजेंट की अपनी सूची में शामिल किया था।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Earth Hour Day 2023: आज पूरी दुनिया में एक घंटे के लिए छा जाएगा अंधेरा, जानिए क्या है अर्थ आवर

क्रेमलिन की घोषणा से पहले रूस में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि अर्थ ऑवर इस साल केवल ऑनलाइन होगा। अर्थ आवर को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ आयोजित करता है। यह दुनिया भर के लोगों को पर्यावरण के मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 60 मिनट के लिए अपनी रोशनी बंद करने के लिए प्रोत्साहित करता है। प्रतिभागी स्थानीय समयानुसार रात 8:30 और 9:30 बजे के बीच एक घंटे के लिए आवासीय भवनों के साथ-साथ शहर के प्रसिद्ध स्थलों और स्मारकों की रोशनी बंद कर देते हैं (यह स्ट्रीट लाइट, एयर नेविगेशन लाइट और ट्रैफिक लाइट पर लागू नहीं होती है)। 

क्या है अर्थ आवर मनाने की वजह 
अर्थ आवर डे मनाने के पीछे मुख्य वजह ऊर्जा की खपत को बचाना और प्रकृति की सुरक्षा के लिए जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर ध्यान को केंद्रित करना है। इसके साथ ही प्रकृति के नुकसान को रोकना और मानव जाति के भविष्य को बेहतर बनाना है। इसके आयोजन के माध्यम से दुनियाभर के लोगों को हर दिन प्रकृति को होने वाले नुकसान के प्रति जागरुक किया जाता है। इसके अलावा प्रकृति के नुकसान को रोकने के लिए प्रेरित किया जाता है। 
विज्ञापन


सैकड़ों देशों का मिल रहा सहयोग
अर्थ आवर अभियान को 190 से ज्यादा देशों का सहयोग मिल रहा है। अब यह दुनिया में एक बहुत बड़ा अभियान बन चुका है। दुनियाभर के करोड़ों लोग हर साल इस वैश्विक कार्यक्रम में शामिल होते हैं। अर्थ आवर डे के दिन दुनिया के कई ऐतिहासिक इमारतों की बिजली को बंद कर दिया जाता है। बिजली बंद करने से कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद मिलती है और ऊर्जा की भी बचत होती है।

भारत में भी किया गया अर्थ आवर का आयोजन
अर्थ आवर के मौके पर कोलकाता मेंहावड़ा ब्रिज की रात 8.30 बजे से रात 9.30 बजे तक एक घंटे के लिए लाइटें बंद कर दी गईं।

राजधानी नई दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर में भी रात 8.30 बजे से रात 9.30 बजे तक एक घंटे के लिए लाइटें बंद कर दी गईं। 

लखनऊ में राजभवन में भी रात 8.30 बजे से रात 9.30 बजे तक एक घंटे के लिए लाइटें बंद कर दी गईं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें