राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता और महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। मंगलवार को सोलापुर जिले में हुई पार्टी बैठक में पवार ने कहा कि पहले 50-50 लाख रुपये में विधायक पाला बदल लेते थे, लेकिन अब कॉर्पोरेटर भी इतने पैसे में हिलते नहीं है।
पवार ने बैठक में राज्य की विलासराव देशमुख सरकार का वक्त याद दिलाया कि उनको विधायकों की खरीद-फरोख्त रोकने के लिए उन्हें बेंगलुरु भेजना पड़ा था। पवार ने कहा, 'विधायकों की खरीद-फरोख्त और दल-बदल के डर से विलासराव देशमुख हतोत्साहित हो गए थे और उस वक्त विधायकों को बेंगलुरु भेजना पड़ा, क्योंकि तब 50 लाख रुपये में विधायक पाला बदल लेते थे।'