विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। इसमें उन्होंने यह कहते हुए 8 प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला कि हमें न केवल कोविड महामारी से सामाजिक-आर्थिक सुधार की तलाश करनी चाहिए, बल्कि लचीला और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला भी बनानी चाहिए।
सीमा पार आतंकवाद पर दिखाएं जीरो टॉलरेंस
जयशंकर ने कहा कि यूक्रेन युद्ध से ऊर्जा की मांग और खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े हैं, दुनिया की बेहतरी के लिए इस पर काबू पाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स ने बार-बार संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता, अंतर्राष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान की पुष्टि की है, वादों पर खरा उतरना चाहिए। ब्रिक्स को आतंकवाद, विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस दिखाना चाहिए।
उन्होंने कहा, हमें मिलकर जलवायु कार्रवाई और जलवायु न्याय के लिए विकसित देशों द्वारा संसाधनों की विश्वसनीय प्रतिबद्धता के लिए दबाव बनाना चाहिए। एक वैश्वीकृत और डिजिटल दुनिया विश्वास और पारदर्शिता को उचित सम्मान देगी। सतत विकास लक्ष्यों को व्यापक तरीके से हासिल किया जाना चाहिए। पिछले हफ्ते ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की एक बैठक भी हुई थी जिसमें ब्रिक्स देशों पर बड़े पैमाने पर महामारी के लिए एक शुरुआती चेतावनी प्रणाली शुरू करने पर सहमति हुई थी।
अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ : रूसी दूतावास
इधर, भारत स्थिति रूसी दूतावास ने अपने बयान में कहा कि गुरुवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लिया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने स्वागत भाषण के साथ इस कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय एजेंडा पर सामयिक मुद्दों पर विचारों का पर्याप्त आदान-प्रदान हुआ। वर्तमान स्थिति और पांच तरफा सहयोग की संभावनाओं पर पूरा ध्यान दिया गया। दूतावास ने बताया कि विदेश मंत्री लावरोव ने इस दौरान यूक्रेन में बनते-बिगड़ते मौजूदा हालात और विशेष सैन्य अभियान के बारे में विस्तार से मौलिक आकलन प्रस्तुत किया।