भारत ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में बढ़ते कट्टरपंथ, लगातार भड़काऊ बयानबाजी और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर एक बार फिर गहरी चिंता जाहिर की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेश के साथ भारत के रिश्ते लोगों के आपसी संबंधों पर जुड़े हैं, न कि मौजूदा सरकार के साथ। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत से ज्यादा कोई भी देश बांग्लादेश की भलाई नहीं चाहता है। हमें उम्मीद है कि बांग्लादेश में सही दिशा में आगे बढ़ेगा और सही काम करेगा।
अल्पसंख्यकों पर हमलों और कट्टरपंथ से चिंतित
विदेश मंत्री जयशंकर ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा, भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के बारे में अपनी चिंता से बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को अवगत कर दिया है। पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस के बीच हुई बैठक में भारत ने पड़ोसी देश को उसके यहां अल्पसंख्यकों पर हमलों और कट्टरपंथ को लेकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया था। उन्होंने बांग्लादेश में नए सिरे से चुनाव कराने के लिए भारत के प्रयास को रेखांकित करते हुए कहा कि लोकतंत्र के लिए चुनाव आवश्यक हैं।
ये भी पढ़ें- भारत ने बांग्लादेश को दिया बड़ा झटका: बंद की ट्रांसशिपमेंट की सुविधा; भूटान-म्यांमार से नहीं कर पाएगा व्यापार
हमसे अधिक कोई अन्य देश बेहतर की कामना नहीं करता
जयशंकर ने कहा, मुझे लगता है कि बैठक में हमारी ओर से जो मुख्य संदेश सामने आया, वह यह है कि ऐतिहासिक कारणों से बांग्लादेश के साथ हमारा रिश्ता बहुत ही अनोखा है। यह मूल रूप से लोगों से लोगों का जुड़ाव है। बांग्लादेश के लिए हमसे अधिक कोई अन्य देश बेहतर की कामना नहीं करता। यह हमारे डीएनए में है। एक शुभचिंतक और मित्र के रूप में मैं आशा करता हूं कि वे सही रास्ते पर चलें और सही काम करें।
ये भी पढ़ें- बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा!: प्रदर्शनकारियों के निशाने पर बाटा, पिज्जा हट और KFC जैसे आउटलेट, क्या है वजह?
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास
बांग्लादेश में पिछले साल अगस्त में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना सरकार का पतन हो गया था। हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं और तब से वह यहीं पर हैं। हसीना सरकार के पतन के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में खटास आ गई है।
संबंधित वीडियो-