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Annalena Baerbock: जयशंकर ने UNGA प्रमुख से की मुलाकात, प. एशिया संघर्ष समेत इन वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

Tue, 28 Apr 2026 04:25 PM IST
Nirmal Kant अमर न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Annalena Baerbock: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूएनजीए अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने तकनीक के प्रभाव और क्षेत्रीय हालात समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। बेयरबॉक ने संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका की सराहना भी की। पढ़िए रिपोर्ट-
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एनालेना बेयरबॉक, एस जयशंकर - फोटो : एक्स/एएनआई/एस जयशंकर
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विस्तार
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बैठक में यूएन80,सतत विकास लक्ष्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा हुई। साथ ही आज के समय के अनुसार वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर दिया गया, खासकर वैश्विक दक्षिण के हितों को ध्यान में रखते हुए।
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यूएनजीए प्रमुख ने निमंत्रण और मेहमाननवाजी के लिए दिया धन्यवाद
हैदराबाद हाउस में हुई इस मुलाकात में बेयरबॉक ने भारत सरकार के आमंत्रण और मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, दुनिया में बढ़ते तनाव, विभाजन और संयुक्त राष्ट्र के मूल सिद्धांतों पर दबाव जैसी चुनौतियां सामने हैं। जलवायु परिवर्तन, कोविड जैसी महामारी और युद्धों के आर्थिक असर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी हिस्से की घटना का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है।

वैश्विक सहयोग में भारत की भूमिका अहम: बेयरबॉक
बेयरबॉक ने कहा कि उनके कार्यकाल की प्राथमिकता संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून की रक्षा करना है। उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के देशों के गठबंधन की बात कही। उन्होंने कहा, भारत दुनिया का बड़ा लोकतंत्र है और ऐसे समय में वैश्विक सहयोग में उसकी अहम भूमिका है।
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ये भी पढ़ें: रक्षा क्षमता में होगा इजाफा: भारत को रूस से मिलेगी एस-400 मिसाइल की चौथी खेप, अमेरिकी प्रतिबंधों का होगा असर?

यूएनजीए प्रमुख ने कहा, संयुक्त राष्ट्र का चार्टर हमारा साझा जीवन बीमा है। इस 80वें सत्र में सत्र में महासभा के अध्यक्ष के रूप में मेरी प्राथमिकता संयुक्त चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन की रक्षा करना है। इसको लेकर मैंने बहुपक्षीय और संयुक्त राष्ट्र का समर्थन करने के लिए एक अंतर-क्षेत्रीय गठबंधन बनाने का भी आह्वान किया है। यही वजह है कि मैं भारत की यात्रा पर आई हूं, जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जिसका बहुपक्षवाद में निरंतर नेतृत्व और साझेदारी इन परिस्थिति में बेहद अहम है। उन्होंने कहा, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता हम सभी के लिए शांति की गारंटी है। संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्य के रूप में भारत ने 80 वर्षों के इतिहास में अहम भूमिका निभाई है। 
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बेयरबॉक ने कहा, 1948 से भारत ने शांति सुरक्षा के क्षेत्र में 53 से अधिक अभियानों में तीन लाख से अधिक सैनिक भेजे हैं। वैश्विक शांति की सेवा में 184 से अधिक भारतीय शांति सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के समर्थन के रूप में भारत दक्षिण-दक्षिण सहयोग में अग्रणी भूमिका निभाता है। 

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