कोरोना के कारण बेपटरी हुई अर्थव्यवस्था और बढ़ रही बेरोजगारी पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने सरकार को सुझाव दिए हैं। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) का कहना है कि शहरी बेरोजगारों के लिए सरकार को रोजगार गारंटी योजना लानी चाहिए। इतना ही नहीं आर्थिक सलाहकार परिषद ने देश में आय में असमानता को कम करने के लिए एक समान (यूनिवर्सल) बुनियादी आय योजना पेश करने के साथ सामाजिक क्षेत्र के लिए अधिक धन आवंटित करने की भी सिफारिश की है।
ईएसी-पीएम की रिपोर्ट ‘भारत में असमानता की स्थिति’ में ये सुझाव दिए गए हैं। इस रिपोर्ट को ईएसी-पीएम के चेयरमैन विवेक देवरॉय ने जारी किया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के ग्रामीण और शहरी इलाकों में श्रम बल की भागीदारी दर के बीच अंतर है। इसको देखते हुए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) जैसी योजनाओं को शहरों में भी लांच किया जाना चाहिए। जिससे ज्यादा से ज्यादा बेरोगजार लोगों को फिर से काम दिया जा सके।
ईएसी-पीएम की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि न्यूनतम आय बढ़ाना और समान बुनियादी आय शुरू करने वाले कुछ ऐसे सुझाव हैं, जिससे श्रम क्षेत्र में आय के अंतर को कम करते हुए आय के समान वितरण को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही आर्थिक सलाहकार परिषद ने अपनी सिफारिश में कहा है कि सरकार को सामाजिक सेवा क्षेत्र में खर्च के लिए आवंटन को बढ़ाना चाहिए। इससे देश की आर्थिक रूप से सबसे कमजोर आबादी को अचानक किसी झटके के निपटने के लिए जुझारू बनाया जा सकेगा और उन्हें गरीबी में जाने से रोका जा सकेगा।
आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अनुसार 'भारत में असमानता की स्थिति’ रिपोर्ट को स्वास्थ्य, शिक्षा, घरेलू विशेषताओं और श्रम बाजार के क्षेत्रों में असमानताओं को लेकर जुटाई गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।