ई-टिकटिंग रैकेट का मास्टरमाइंड हामिद अशरफ को लेकर चौंकानेवाली जानकारी सामने आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, मास्टरमाइंड हामिद रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) के महानिदेशक तक पहुंच गया है। आरोपी ने आरपीएफ महानिदेश को एक संदेश भेजा है जिसमें उसने दावा किया कि रेलवे के आईटी सिक्योरिटी सिस्टम में बहुत सारी कमियां हैं। दुबई में रह रहे मास्टरमाइंड ने आरपीएफ को सुझाव दिया है कि उसे दो लाख रुपये महीने का वेतन दें तो वह सुरक्षा संबंधी सभी कमियों को दूर कर देगा।
रेलवे सुरक्षा बल ने बीते मंगलवार एक बड़े ई-टिकटिंग रैकेट का भंडाफोड़ किया था। रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक अरुण कुमार ने बताया था कि इनके लिंक दुबई, पाकिस्तान और बांग्लादेश में टेरर फंडिंग से जुड़े हैं। उन्होंने कहा था कि हम रेलवे ई-टिकटिंग रैकेट के खिलाफ कार्रवाई में एक कदम आगे बढ़े हैं। हमने एक गिरोह का पता लगाया है। इसका सरगना शायद दुबई में बैठा है। हम गिरोह के सदस्यों की जांच कर रहे हैं। हम पता लगा रहे हैं कि किस तरह से बैंकों और कुछ कंपनियों के पास पैसा जा रहा है।
आरपीएफ महानिदेशक को भेजे मैसेज में उसने लिखा, 'अगर आप ऐसे इंटरव्यू टीवी चैनल को देते रहेंगे तो कोई लड़की मुझसे शादी नहीं करेगी।' उसने रेलवे को ऑफर दिया है कि सुरक्षा खामियों को वह दूर कर सकता है अगर उसे दो लाख रुपये हर महीने दिए जाएं।
रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक अरुण कुमार ने मंगलवार को बताया था कि मुस्तफा के पास से आईआरसीटीसी की 563 आईडी मिले हैं। इसके अलावा एसबीआई की 2,400 शाखाओं और 600 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में खाते हैं। ई-टिकट गिरोह मामले में गिरफ्तार गुलाम मुस्तफा से पिछले दिनों आईबी, स्पेशल ब्यूरो, ईडी, एनआईए, कर्नाटक पुलिस ने पूछताछ की थी। उन्होंने बताया था कि गुलाम मुस्तफा मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग मामले में संदिग्ध है।