तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई.के. पलानीस्वामी ने साफ कर दिया है कि एनजीटी के तूतीकोरिन में वेदांता समूह के स्टरलाइट कॉपर प्लांट को बंद करने वाले आदेश को निरस्त करने के फैसले को उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। शनिवार को राज्य सरकार द्वारा प्लांट को बंद किए जाने के संबंध में एनजीटी ने कंपनी की याचिका स्वीकार करते हुए कहा कि प्लांट को बंद किए जाना का आदेश ‘गैर टिकाऊ’ व ‘अन्यायपूर्ण’ है।
एनजीटी ने तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएनपीसीबी) को इस मामले में नवीनीकरण सहमती संबंधी आदेश जारी करने का आदेश दिया है। वहीं इस मामले में विपक्षी दल डीएमके ने सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि उसकी लापरवाही के चलते हुए सरकार की किरकरी हुई है।
डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा कि महज यह कह देने से कि सरकार फैसले के खिलाफ अपील करने के साथ वह प्लांट को बंद करने के लिए ठोस कदम उठाएगी, से सरकार अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती। प्लांट के चलने से पर्यावरण को होने वाले दुष्परिणामों का वैज्ञानिक सर्वे और पर्याप्त सबूत इकट्ठा कर कैबिनेट को इसे स्थायी तौर से बंद करने का फैसला लेना चाहिए।