हरियाणा में मनोहर लाल ने ऐसे बनाई सरकार
भाजपा ने 40 सीटें जीतीं। उन्हें सरकार बनाने के लिए छह विधायकों की जरूरत थी, इसी बीच गोपाल कांडा एक बार फिर सक्रिय होकर निर्दलीय विधायकों को एकजुट करने में लग गए और पांच विधायकों को लेकर दिल्ली पहुंच गए थे। निर्दलीय जीतकर आए छह उम्मीदवारों का समर्थन मिल भी गया, लेकिन इसके बाद भी भाजपा ने 10 सीटों पर जीत दर्ज करने वाली जजपा का समर्थन लिया। जजपा के समर्थन से हरियाणा में सरकार बनी। मनोहर लाल खट्टर दोबारा मुख्यमंत्री बने और दुष्यंत चौटाला को उप मुख्यमंत्री बनाया गया।
इस वजह से दुष्यंत ने बनाई थी नई पार्टी
अक्टूबर 2018 में चौधरी देवीलाल के जन्मदिन समारोह में चौटाला परिवार की अंदरूनी रार सामने आई थी। अभय चौटाला के खिलाफ हूटिंग होने पर विवाद शुरू हुआ और इसका आरोप सीधे-सीधे दुष्यंत चौटाला और उनके छोटे भाई दिग्विजय चौटाला पर लगा। इनेलो के मुखिया ओम प्रकाश चौटाला ने सख्ती दिखाते हुए अपने ही दोनों पोतों के खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया। चाचा-भतीजों की लड़ाई में इनेलो में दो-फाड़ हो गई और जजपा (जननायक जनता पार्टी) अस्तित्व में आई।
दुष्यंत चौटाला ने नौ दिसंबर 2018 में जजपा का गठन किया। पार्टी ने जींद उपचुनाव में पहली बार चुनाव लड़ा। जींद का लोकसभा चुनाव जजपा-आप ने मिलकर लड़ा था। लेकिन दिग्विजय चौटाला को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद दुष्यंत चौटाला ने पार्टी की रणनीति बनाई और ताऊ देवीलाल के विचारों को सामने कर जन-जन तक अपनी पहुंच बनाई। इसके बाद लोकसभा चुनाव लड़ा, जिसमें 10 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए, लेकिन सभी हार गए। पर दुष्यंत ने हार नहीं मानी। विधानसभा चुनाव में फिर पूरी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और 10 सीटों पर जीत दर्ज कर किंगमेकर बन गए।