देश में ऑक्सीजन की किल्लत है। सिर्फ मध्यप्रदेश में ही अब तक 25 लोगों की सांसों का साथ ऑक्सीजन की कमी के चलते छूट गया, लेकिन इसका असर कालाबाजारी करने वालों पर बिल्कुल भी नहीं पड़ा। उन्होंने 208 लीटर के ऑक्सीजन सिलिंडर की कीमत 15 हजार रुपये तक कर दी, जो पहले महज 4200 में मिल जाता था। सरकारी टेंडर पर काम करने वाले वेंडर भी मनमाने पैसे वसूल रहे हैं। 14 रुपये क्यूबिक मीटर की जगह 70 से 75 रुपये क्यूबिक मीटर चार्ज भी लिया जा रहा है।
बेड के लिए मांगे 60 हजार रुपये
देश में महामारी का दौर है, लेकिन कुछ लोगों ने इसे आपदा में अवसर समझ लिया। लगातार बढ़ते मरीजों के बीच अस्पतालों में बेड की कमी हुई तो सौदेबाजी करने वाले बाजार में उतर आए। मध्यप्रदेश के इंदौर में एक निजी अस्पताल के मैनेजर का ऑडियो भी वायरल हुआ, जिसमें उसने बेड का इंतजाम कराने के लिए 60 हजार रुपये की डिमांड की। दरअसल, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का फैसिलिटी मैनेजर गिरजा शंकर यादव जरूरतमंद मरीजों से संपर्क करता था। वह अस्पताल के पीछे के रास्ते से मरीजों को डॉक्टरों के पास पहुंचाता था और वसूली करता था।
एंबुलेंस के लिए ज्यादा चार्ज
देश में ऐसे भी मामले सामने आए, जिनमें एंबुलेंस के लिए ज्यादा पैसे मांगे गए। उस दौरान एंबुलेंस चालकों ने मरीजों की जान की परवाह तक नहीं की। ऐसा ही एक मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सामने आया। यहां एक एंबुलेंस चालक ने महज दो किलोमीटर जाने के लिए 4-5 हजार रुपये मांग लिए। ऐसे में पीड़ित महिला मजबूरन अपने पति को ऑटो से अस्पताल ले गई।