देश में गणेश उत्सव के साथ ही त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है। बड़ी संख्या में लोग ट्रेन और फ्लाइट से दुर्गा पूजा, दशहरा और दिवाली मनाने घर लौटेंगे। ट्रेनों में सीटें लगभग फुल हो चुकी हैं और यात्री स्पेशल ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं। फ्लाइट किराए में भी तेजी शुरू हो गई है। इसी बीच दुर्गा पूजा के लिए कोलकाता जाने वाली फ्लाइट्स के किराए में खासा उछाल देखने को मिल रहा है। 16 अक्टूबर को कोलकाता के सात प्रमुख रूट्स का औसत किराया 14,117 रुपये पर पहुंच गया है। यह किराया एक हफ्ते बाद के मुकाबले करीब 71 फीसदी ज्यादा है।
इन रूट्स पर बढ़ा किराया
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता जाने वाले प्रमुख रूट्स पर किराए में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। बंगलूरू से कोलकाता का 16 अक्तूबर किराया 16,900 रुपये है, जबकि 15 नवंबर को यह 9,600 रुपये रह जाता है। यानी किराया 7,300 रुपये ज्यादा है।
चेन्नई-कोलकाता रूट पर यह अंतर सबसे ज्यादा 7,600 रुपये है। 16 अक्तूबर का किराया 15,500 रुपये है, जो 15 नवंबर को घटकर 7,900 रुपये रह जाता है। इसी तरह मुंबई से कोलकाता का किराया 16 अक्तूबर को 15,200 रुपये है, जबकि 15 नवंबर को 8,600 रुपये है। यानी 6,600 रुपये का अंतर है।
हैदराबाद रूट पर भी 5,100 रुपये का फर्क है। यहां 16 अक्तूबर का किराया 13,000 रुपये और 15 नवंबर का 7,900 रुपये है। वहीं, पुणे से कोलकाता का किराया 16 अक्टूबर को 14,100 रुपये है, जो 15 नवंबर को 11,200 रुपये रह जाता है। जबकि दिल्ली-कोलकाता रूट पर 16 अक्तूबर का किराया 12,300 रुपये और 15 नवंबर का 10,100 रुपये है। इन दोनों रूट्स पर अंतर क्रमश: 2,900 और 2,200 रुपये है।
अहमदाबाद-कोलकाता रूट पर सबसे कम अंतर देखने को मिला। 16 अक्तूबर को किराया 11,200 रुपये है, जबकि 15 नवंबर को 10,600 रुपये। यानी दोनों तारीखों के किराए में सिर्फ 600 रुपये का फर्क है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा सिर्फ धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि पूरे राज्य का बड़ा उत्सव है। सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन खास माने जाते हैं। इन दिनों घरों में भी पूजा-अर्चना होती है। इसलिए दूसरे शहरों में रहने वाले बंगाली परिवार बड़ी संख्या में अपने घर पहुंचते हैं। इसके अलावा, पूजा के दौरान कोलकाता और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पंडाल सजते हैं, जिन्हें देखने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचते हैं। इस वजह से पूजा के आसपास कोलकाता आने वाली ट्रेनों और फ्लाइट्स की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है।