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मूर्ति विसर्जन पर ममता के फैसले को हाईकोर्ट ने पलटा, दीदी बोलीं- शांति के लिए जो सही होगा करूंगी

Thu, 21 Sep 2017 06:50 PM IST
amarujala.com- Presented by: हरेन्द्र सिंह मोरल
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- फोटो : social media
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पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजन के बाद मूर्ति विसर्जन के मामले में कोलकाता हाईकोर्ट ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने ममता सरकार के फैसले को पलटते हुए एक अक्टूबर को मुहर्रम के दिन भी मूर्ति विसर्जन की इजाजत दे दी है। इसके अलावा अन्य दिनों में मूर्ति विसर्जन का समय दस बजे से बढ़ाकर रात 12 बजे तक कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने इसके लिए पुलिस को व्यवस्था बनाने को कहा है। हाईकोर्ट ने पुलिस से कहा है कि वह दोनों कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग रूट तैयार करें।
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Calcutta HC allows Durga idols' immersion till 12am on all days incl Muharram,asks Police to ensure routes are designated fr immersion&Tazia pic.twitter.com/QzrDvWJOiQ — ANI (@ANI) September 21, 2017
वहीं हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद भी ममता बनर्जी के तेवरों में कोई कमी नहीं आई, उन्होंने कहा कि राज्य में शांति के लिए जो सही होगा वहीं करूंगी।
  I will do what I can to keep peace: West Bengal CM Mamata Banerjee on Calcutta HC's verdict on Durga idols' immersion pic.twitter.com/zHo1lRLvus — ANI (@ANI) September 21, 2017
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  बता दें कि इससे पहले आज सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों पर कोलकाता हाईकोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई थी। एक तरह से ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार को लताड़ लगाते हुए कोर्ट ने सवाल किया था कि 'सिर्फ इसलिए कि आप राज्य हैं, आप मनमाने ढंग से कोई भी आदेश पारित कर सकते हैं?' 

हाईकोर्ट के कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर‌ टिप्पणी करते हुए कहा कि, "क्या आप ये भी नहीं समझते कि 'नियमन और निषेध के बीच अंतर है।" मूर्ति विसर्जन पर सरकार के रवैये से नाराज मुख्य न्यायधीश ने यहां तक कह डाला कि "आप बिना किसी आधार के चरम शक्ति का प्रयोग कर रहे हैं।'  कोर्ट ने प्रदेश सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, "यदि आपको कोई सपना आता है कि कहीं कुछ गलत हो जाएगा, तो आप इसकी रोकथाम के लिए सीधे सीधे प्रतिबंध नहीं लगा सकते हैं। '
  Durga idol immersion case: Calcutta HC tells WB Govt, 'If you get a dream, that something will go wrong, you cannot impose restrictions.' — ANI (@ANI) September 21, 2017
Durga idol immersion case: Acting Chief Justice of Calcutta HC to state govt,'just because you are the state, can you pass arbitrary order?' — ANI (@ANI) September 21, 2017   Durga Idol Immersion Case: Calcutta HC tells state govt, 'you are exercising extreme power without any basis.' — ANI (@ANI) September 21, 2017
बता दें कि इस मु्द्दे पर एक दिन पहले भी कोलकाता हाईकोर्ट प्रदेश सरकार को जमकर फटकार लगा चुका है। कोर्ट ने एक दिन पहले भी प्रदेश सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि, "आखिर दोनों तबके के लोग एक साथ अपना त्योहार क्यों नहीं मना सकते? कोर्ट ने ये भी कहा था कि जब राज्य में दोनों समुदाय शांति के साथ रहना चाहते हैं तो आप अपनी तरफ से भेदभाव वाले कदम क्यों उठा रहे हैं। 

यह भी पढ़ेंः HC ने ममता बनर्जी को लताड़ा, कहा- दो समुदायों के बीच न खींचें लकीर

बता दें कि यह विवाद उस समय खड़ा हुआ जब प्रदेश की ममता बनर्जी सरकार ने एक अक्तूबर को मुहर्रम होने की वजह से उस दिन प्रतिमाओं के विसर्जन पर पाबंदी लगा दी थी। इसके अलावा शुरूआत में प्रतिमाओं के विसर्जन का समय केवल शाम छह बजे तक सीमित रखा गया था। 

यह भी पढ़ेंः ममता बनर्जी ने दी चेतावनी, कहा- नहीं मिलेगी हथियारों के साथ जुलूस की अनुमति

पहले दशमी के दिन शाम छह बजे तक ही विसर्जन की अनुमति थी, लेकिन अदालती हस्तक्षेप के बाद सरकार ने इसे बढ़ा कर रात दस बजे तक कर दिया था। सरकार के फैसले के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत ने यह टिप्पणी की।
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मूर्ति विसर्जन पर सरकार की पाबंदियों पर पहले भी फटकार लगा चुका है हाईकोर्ट

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सरकार से कहा कि जब उसे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव होने का पक्का भरोसा है तो वह दोनों तबकों के बीच दरार क्यों पैदा कर रही है। इससे पहले बीते सप्ताह इस मामले की सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता ने अदालत को बताया था कि सरकार रात दस बजे तक नदी व तालाब के किनारे पहुंचने वाली प्रतिमाओं को विसर्जन की अनुमति देगी। सरकार ने बताया था कि एक अक्तूबर को मुहर्रम की वजह से बंद रहने के बाद दो से चार अक्तूबर तक प्रतिमाओं के विसर्जन की अनुमति होगी।

इससे पहले भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने सरकार के फैसले को असंवैधानिक व हिंदुओं का अपमान करार दिया था। इस पर विवाद बढ़ते देख कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन संगठनों को चेतावनी देते हुए उनसे दुर्गा पूजा के दौरान सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का प्रयास नहीं करने को कहा था।

उन्होंने भाजपा व संघ से जुडे़ संगठनों पर विसर्जन के मुद्दे पर अफवाह फैलाने का भी आरोप लगाया था। इस मामले में दायर जनहित याचिकाओं में कहा गया है कि कुछ साल पहले तक विसर्जन व मुहर्रम के जुलूस एक साथ निकलते थे। लेकिन हाल के वर्षों में सरकार मुहर्रम के मौके पर विसर्जन करने पर पाबंदी लगाती रही है।
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