फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ड्रग्स केस में बच रहे हैं बॉलीवुड के 'रसूखदार', सिंडिकेट को छोड़कर गप्पी के पीछे पड़ी है एनसीबी

Sun, 08 Nov 2020 09:54 PM IST
योगेश साहू जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली।
विज्ञापन
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच में ड्रग्स एंगल तलाशने के लिए शुरू हुई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की जांच अब दूसरी दिशा में आगे बढ़ रही है। एनसीबी के सामने अब केवल सुशांत केस नहीं है, बल्कि उसे मुंबई के बॉलीवुड में फैले ड्रग्स के कथित गोरखधंधे की जड़ें खोज निकालनी हैं। अब ये जड़ें कहां कहां तक फैली हैं और इसके पीछे कौन से 'रसूखदार' काम कर रहे हैं, यह तो जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।

विज्ञापन


एनसीबी के दिल्ली स्थित मुख्यालय के सूत्रों का कहना है कि इस केस में बड़े सिंडिकेट बच रहे हैं। केस की जांच शुरू में इस तरह आगे बढ़ी कि मुंबई और गोवा के कई ऐसे ठिकाने, जहां एजेंसी को ड्रग्स मिलने की उम्मीद थी, वहां सब साफ हो गया। रसूखदार लोगों के होटलों और फार्म हाउस, जहां ड्रग्स मिलना आम बात रही है, परंतु वहां कुछ नहीं मिल सका। 

ड्रग्स की सप्लाई करने वाले गप्पी के आसपास ही जांच घूम रही है। सिनेमा जगत की चार पांच बड़ी हस्तियों से हुई पूछताछ भी जांच एजेंसी को गप्पी के दायरे से बाहर का रास्ता नहीं दिखा सकी। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों नशीले पदार्थों से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।  
विज्ञापन


इसमें कहा गया है कि एनडीपीएस एक्ट के तहत किसी पुलिस अधिकारी के समक्ष आरोपी के बयान को सबूत नहीं माना जा सकता है। एनसीबी ने इस मामले में अभी तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनसे हुई पूछताछ के बाद करीब तीन दर्जन से अधिक जगहों पर छापेमारी की गई है। 

बॉलीवुड प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला के घर से एनसीबी की टीम को कुछ मात्रा में ड्रग्स बरामद हुई है। एनसीबी द्वारा अब नाडियावाला को समन भेजा जाएगा। इसके अलावा लोखंडवाला, मलाड, अंधेरी और नवी मुंबई में भी जांच एजेंसी ने छापे मारे हैं। सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी इस्माइल शेख और उनके साथ गिरफ्तार किए गए चार अन्य ड्रग्स पेडलर से पूछताछ के बाद की गई है।

शेख के कब्जे से भी ड्रग्स बरामद हुई है। इस केस में जांच एजेंसी अभी तक 'रसूखदार' लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है। मुंबई पुलिस के जरिए एजेंसी को पता लगा था कि कहां पर रसूखदार लोगों के होटल और फार्म हाउस हैं। बड़ी पहुंच रखने वाले इन लोगों के ठिकानों पर एजेंसी ने दस्तक नहीं दी है। इनमें केवल मुंबई के ही नहीं, बल्कि गोवा के रसूखदार भी शामिल हैं। 

बॉलीवुड के नामी चेहरों से पूछताछ कर चुके एनसीबी के एक अधिकारी के मुताबिक, ड्रग्स सिंडिकेट तक पहुंचने का प्रयास हो रहा है। यह बात सही है कि कुछ जगहों पर जांच एजेंसी नहीं पहुंच सकी है। हालांकि उन्होंने छापेमारी प्रक्रिया में देरी की वजह से सबूतों के नष्ट होने की संभावना से मना किया है।

इस केस में सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में ठोस सबूत पेश करना, क्या इसमें एजेंसी के सामने कोई तकनीकी एवं कानूनी बाधा आ रही है, इस बाबत अधिकारी का कहना था कि ऐसा नहीं है। हालांकि कई गिरफ्तारियां दूसरे आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद की गई हैं। कुछ ऐसे लोग भी रहे हैं, जिनके खिलाफ जांच एजेंसी को इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं।

पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय ने नशीले पदार्थों से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया था। एनडीपीएस एक्ट के तहत किसी पुलिस अधिकारी के समक्ष आरोपी के बयान को सबूत नहीं माना जा सकता। यानी किसी अभियुक्त को दोषी ठहराने के लिए अधिकारी के सामने दिए गए उसके बयान को आधार नहीं बनाया जा सकता। 

शीर्ष अदालत ने कहा था, नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम की धारा 53 के तहत किसी पुलिस अधिकारी के समक्ष दिया गया इकबालिया बयान सबूत के तौर पर स्वीकार्य बयान नहीं माना जाएगा। इस बाबत अधिकारी का कहना था कि ड्रग्स केस की जांच में इस फैसले का कोई ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।

पहले भी जांच एजेंसी को कोर्ट के समक्ष ठोस साक्ष्य रखने पड़ते थे। हालांकि इस केस में कई ऐसी गिरफ्तारियां हुई हैं, जिनमें आरोपियों ने किसी दूसरे व्यक्ति का नाम बताया था। जांच में किसी बेकसूर को नहीं फंसाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें