बुंदेलखंड का सूखा बना बड़ी मुसीबत
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सरकारी भूसे की आस में आई महिला को नाजिर ने इस कदर डपटा कि वह बेहोश हो गई। यह देख अफसरों के जेहन में दलित नत्थू की मौत कौंध गई। कोई अनहोनी न हो, यह सोच अफसरों के पसीने छूट गए। आनन-फानन महिला के घर भूसा पहुंचा दिया गया। महिला को भी सीएचसी भेजा गया। इस बीच महिला का हाल देख और भूसा मांग रही भीड़ के दबाव में एक कानूनगो भी गश खाकर गिर पड़े। उन्हें भी तत्काल सीएचसी पहुंचाया गया।
बताते चलें कि पिछले दिनों मूंगुस का पुरवा के दलित नत्थू की भी उस समय मौत हो गई थी जब वह भूखे पेट सरकारी राशन की आस में पड़ोसी गांव जा रहे थे। इस घटना के बाद उनके घर आनन-फानन सरकारी राशन पहुंचाया गया था। गुरुवार को भी इसी से मिलती-जुलती घटना हुई। नरैनी तहसील क्षेत्र में भूसे का भीषण संकट है। पिछले दिनों ‘अमर उजाला’ ने इस पर ग्राउंड रिपोर्ट छापी थी। उसी के बाद डीएम योगेश कुमार ने नरैनी एसडीएम और तहसीलदार को भूसा वितरण के निर्देश दिए थे।
बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में बड़ी संख्या में पशुपालक भूसा लेने आए थे। दोपहर को कुछ महिलाएं तहसीलदार से पूछकर भूसे के ढेर से अपना थैला भरने लगीं। इसी दौरान तहसील का नाजिर आ गया और महिलाओं को डांटकर बोरे में भरा भूसा छीनकर वापस डलवा लिया। 50 वर्षीय मुन्नी पत्नी शफी को इस कदर डपटा कि वह बेहोश हो गई। वह सढ़ा गांव की रहने वाली है।
तहसीलदार गिरिवर ने अपनी जीप से महिला को सीएचसी पहुंचाया। इसी बीच भूसे के लिए हंगामा कर रहे लोगों से घिरे कालिंजर क्षेत्र के 48 वर्षीय कानूनगो मेवालाल बेहोश हो गए। तहसीलदार ने बताया कि बेहोश होने वाली महिला के घर भूसा पहुंचा दिया है। यह भी बताया कि सढ़ा गांव में 50 क्विंटल भूसा बांटा जा चुका है। महिला और कानूनगो अत्यधिक गर्मी की वजह से बेहोश हुए थे।