सूखा पीड़ित किसानों को दिए जाने वाले फसल मुआवजे में एक बार फिर राज्य सरकार की भारी चूक होने की खबर सामने आयी है। मामला कर्नाटक के कोप्पल जिले का है। विश्वास नहीं होगा कि क्या ऐसा भी फसल मुआवजा किसी सूखा पीड़ित किसान को सरकार की ओर से दिया जा सकता है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मामले में कोप्पल जिले के किददुरु गांव से ताल्लुक रखने वाले किसान को फसल मआवजे के रुप में सरकार की ओर से 1 रुपये की राहत दी गई है। हालांकि राज्य सरकार ने इस चूक के के बारे में संबंधित अधिकारियों से एक रिपोर्ट मांगी है।
मामले के संबंध में विधानसभा में विपक्ष के नेता जगदीश शेट्टर ने मुआवजे को किसान समुदाय का अपमान बताया है। सरकार को शर्मिंदा होना चाहिए। शेट्टर ने सरकार से पूछा कि यदि आप मुआवजा देना चाहते हैं, तो ठीक से दो। एक सूखा पीड़ित किसान 1 रुपये से क्या कर सकता है? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार किसानों के बैंक खाते आधार संख्या से न जुड़ पाने की वजह से यह चूक हुई है।
राज्य के कानून मंत्री टीबी जयचंद्र ने विधानसभा में कहा कि मामले के तथ्य सोमवार को प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा कि मुझे इस बात से हैरानी हुई है कि किसानों के खातों में मामूली रकम को फसल मुआवजे के रूप में भेजा जा रहा है।
बता दें कि जिले में 87,500 किसानों को सूखा फसल क्षतिपूर्ति के लिए पात्र हैं। इनमें से 84,000 के आधार संख्याओं को बैंक खातों से जोड़ा गया था और उन्हें मुआवजा मिला था। शेष 3500 किसानों के खातों में हमने उनके क्रेडेंशियल्स का पता लगाने के लिए 1 रुपये टोकन के रुप में जमा किए थे।