सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जम्मू के आसपास इस तरह की आबादी बहुत ज्यादा है, जिसकी बसावट नियमानुसार नहीं हुई हैं। ऐसे इलाकों में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई या आतंकी संगठनों के 'अंडर ग्राउंड वर्कर' की मौजूदगी बताई जा रही है। स्थानीय पुलिस ने इस बाबत चेकिंग अभियान की शुरुआत भी कर दी है।
आईजी रैंक के एक अधिकारी जो पहले राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसी में काम कर चुके हैं, का कहना है कि जम्मू में दो-तीन वर्षों से आतंकी गतिविधियां बढ़ी हैं। चूंकि कश्मीर में आतंकियों पर सुरक्षा बलों का शिकंजा कसता जा रहा है, उनके सामने नई भर्ती का संकट है, इसलिए उनकी कई तंजीमें अब जम्मू का रुख कर रही हैं।
उक्त अधिकारी का कहना था कि ड्रोन हैंडल करने वाले आसपास ही छिपे हैं। इसका जल्द ही पता लगा लिया जाएगा। कई टीमों को इस काम पर लगाया गया है। ड्रोन को गिराने की तकनीक जल्द मिल जाएगी। इस काम में डीआरडीओ और इंटेलीजेंस एजेंसी 'नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन' की मदद ली जा रही है।