भारत के अंदर पीने के पानी की दयनीय स्थिति का खुलासा हुआ है। सोमवार को राज्यसभा में केंद्रीय पेयजल स्वच्छता मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि देश के भीरत 66,700 इलाकों में पेयजल पीने लायक नहीं। ये वो इलाके हैं जिसमें पीने के पानी की सबसे ज्यादा समस्या है। वहीं 66,663 इलाकों में पेयजल आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रभावित हैं। सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए तोमर ने कहा कि सरकार लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
साथ ही उन्होंने भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 2022 तक 80 फीसद जनसंख्या तक पाइप के जरिए स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेयजल का विषय राज्य का है और केंद्र विभिन्न योजनाओं के जरिए राज्य को वित्तीय और अन्य तकनीकी मदद देता है।
तोमर ने प्रश्नकाल के दौरान उन आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि सरकार बिना शुद्ध किए पानी उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के माध्यम से पेयजल सुधार के लिए विभिन्न राज्यों को 800 करोड़ रुपये विशेष रुप से दिए गए हैं।