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भारतीयों के लिए अमेरिकी नागरिकता पाना हुआ मुश्किल, नीतियों में हुए ये बड़े बदलाव

Tue, 27 Mar 2018 09:54 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चैन्ने
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भारत के बहुत से लोगों का सपना अमेरिका जाकर नौकरी करने का और फिर वहां की नागरिकता हासिल करने का होता है। जिसे बहुत कम लोग ही पूरा कर पाते हैं। अब भारतीयों के लिए नागरिकता हासिल करना पहले से भी ज्यादा मुश्किल हो गया है। यह बात पता चली है एक यूएस डाटा से जिसके अनुसार पिछले 30 सालों में अमेरिका इस मामले में 2008 में सबसे ज्यादा उदार रहा है। साल 2008 में उसने 65,971 लोगों को नागरिकता दी थी। 1995 से 2000 के बीच हर साल लगभग 12,00,00 कुशल कामगार अमेरिका जाते थे।

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साल 2017 में अमेरिका ने 49,601 भारतीयों को नागरिकता दी है। वहीं साल 2014 में यह आंकड़ा काफी कम था। उस साल सबसे कम 37,854 भारतीयों को नागरिकता मिली थी। 2014 से 2017 के बीच इमीग्रेशन में भी काफी कमी आई है। इस मामले के जानकारों का कहना है कि H-1B मामले को देखते हुए अब कंपनियां नीतियों में हुए बदलाव को ध्यान में रखते हुए काफी सावधानी बरत रही हैं। ऐसे में अमेरिका को अब कम पहले के मुकाबले कम भारतीय इंजीनियरों की जरूरत है। 

1990 से भारत ऐसा तीसरा देश था जिसे अमेरिकी नागरिकता मिला करती थी। पहले नंबर पर चीन और मैक्सिको था। अधिकतर भारतीयों को उच्च कौशल के आधार पर वर्क वीजा मिलता था, लेकिन इमीग्रेशन में कमी आने के बाद अमेरिका में भारतीय इंजीनियरों और एमबीए प्रोफेशनल्स की मांग घट गई और वहां की कंपनियां अपने नागरिकों को तवज्जो देने लगीं। इमीग्रेशन वकील मार्क डेविस ने बताया कि जब अमेरिका की इमिग्रेशन पॉलिसी ने उदारता दिखाई था तब बड़ी संख्या में भारतीय यहां आन लगे थे।

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