रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बुधवार को क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (क्यूकेडी) प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर अपनी दो प्रयोगशालाओं के बीच सफलतापूर्वक संचार किया। यह एन्क्रिप्शन की साझा करने का सबसे मजबूत तरीका है।
इस प्रौद्योगिकी में एन्क्रिप्शन कुंजी को फाइबर ऑप्टिक केबल के जरिये क्यूबिट के रूप में भेजा जाता है। क्वांटम कंप्यूटिंग में इन क्यूबिट का बुनियादी स्रोत के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। यह ठीक उसी तरह है जैसे सामान्य कंप्यूटिंग में बुनियादी स्रोत के रूप में बाइट का इस्तेमाल होता है।
डीआरडीओ ने कहा, पूरी दुनिया में रक्षा व सामरिक एजेंसियों के लिए सुरक्षित संचार काफी महत्वपूर्ण है। इस परिप्रेक्ष्य में समय समय पर एन्क्रिप्शन कुंजी का आदान प्रदान बेहद जरूरी है। इन कुंजियों को सुरक्षित तरीके से साझा करने का समाधान क्वांटम आधारित संचार मुहैया करता है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद की दो प्रयोगशालाओं के बीच क्वांटम संचार की सफल प्रस्तुति के लिए डीआरडीओ को बधाई दी। परीक्षण के दौरान संचार की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे तीसरे पक्ष का पता लगाने की पद्धति का भी प्रदर्शन किया।