रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्वदेश में विकसित पिनाक रॉकेट की रेंज बढ़ा दी है। इसका 24 व 25 जून को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र से मल्टी बैरल रॉकेट लांचर के जरिए सफल परीक्षण किया गया। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को इस बारे में बताया।
डीआरडीओ के अनुसार परीक्षण में 26 पिनाक रॉकेट दागे गए। इनसे विभिन्न दूरी के लक्ष्यों पर निशाने साधे गए। परीक्षण के दौरान सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक पा लिया गया। बढ़ी हुई क्षमता के साथ अब पिनाक रॉकेट 45 किलोमीटर तक की दूरी के लक्ष्यों को भेद सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा तट के पास चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) से स्वदेशी पिनाक रॉकेट के उन्नत संस्करण का परीक्षण किया। परीक्षण के दौरान कुल 25 पिनाक रॉकेट बृहस्पतिवार और शुक्रवार को अलग-अलग दूरी पर लक्ष्य को सटीकता से भेदने में कामयाब रहे।
एक अधिकारी ने बताया कि 122 एमएम कैलिबर रॉकेट को मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर (एमबीआरएल) से छोड़ा गया। वहीं एक सूत्र ने बताया कि मिशन के दौरान लक्ष्य सफलतापूर्वक भेद दिए गए। पिनाक रॉकेट प्रणाली के विस्तारित रेंज के तहत 45 किलोमीटर की दूरी तक लक्ष्य को भेदा जा सकता है। रॉकेट ने कितनी सटीकता से निशाना साधा, इस पर विभिन्न उपकरणों के जरिए निगरानी की गई।
पुणे स्थित आयुध अनुसंधान एवं विकास स्थापना (एआरडीई) और उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल) ने इकनॉमिक एक्सप्लोसिव लिमिटेड, नागपुर की मदद से इस रॉकेट प्रणाली को विकसित किया है। सूत्रों ने बताया कि लंबी दूरी की क्षमता को प्राप्त करने के लिए उन्नत पिनाक प्रणाली का विकास किया गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्नतम पिनाक रॉकेट के कामयाब परीक्षण पर डीआरडीओ और उद्योग को बधाई दी है। रक्षा विभाग (अनुसंधान एवं विकास) के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी सतीश रेड्डी ने भी रॉकेट के सफल परीक्षण में शामिल टीम के प्रयासों की सराहना की।